विश्व कप फाइनल में डबल ट्रैप में छठे स्थान पर रहे निशानेबाज शपथ

नई दिल्ली ( 4 मई ): युवा भारतीय निशानेबाज शपथ भारद्वाज पहली बार आइएसएसएफ विश्व कप स्टेट फाइनल में पहुंचे जिसमें वह पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा में छठे स्थान पर रहे। मेरठ के रहने वाले युवा शपथ शूट-ऑफ के बाद शीर्ष छह में चौथे स्थान पर रहकर अपने पहले फाइनल में पहुंचे, जिसके भारत की इस विश्व कप में पहले पदक की उम्मीद जगी। लेकिन शपथ फाइनल में छठे स्थान पर रहे और फाइनल के पहले दौर में 30 में से 26 अंक जुटाकर बाहर होने वाले पहले निशानेबाज रहे।


इटली के पूर्व विश्व और यूरोपीय चैंपियन डेनियल डि स्पिगनो ने 80 में से 78 अंक से स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही फाइनल्स में विश्व रिकॉर्ड बनाया। रूस के आर्टेम नेकरोसोव ने 72 से रजत जबकि इटली के एक अन्य निशानेबाज डेविड गासपारिनी ने 56 अंक से कांस्य पदक अपने नाम किया। शपथ ने क्वॉलीफायर में 30 में से महज 24 पर निशाना लगाया। उन्होंने दूसरी सीरीज में परफेक्ट 30 का स्कोर बनाया और अगली तीन सीरीज प्रत्येक में 27 अंक जुटाए, जिससे उनका कुल 135 रहा और वह अन्य तीन निशानेबाजों की बराबरी पर पहुंच गए।


रूस के वासिले मोसिन ने 142 अंक बनाकर सीधे क्वॉलिफाई किया जबकि इसमें दो शूट-आफ हुए जिसमें से एक से दूसरे व तीसरे और दूसरे से चौथे से 7वें स्थान का फैसला हुआ। शपथ ने अपना शूट-ऑफ जीत लिया, जिसमें उन्होंने अपने से कहीं ज्यादा अनुभवी और विश्व कप के पूर्व स्वर्ण पदकधारी इटली के डेविडे गासपारिनी को 22-21 से पछाड़ दिया था। शपथ के साथी संग्राम दहिया और अंकुर मित्तल 127 के समान स्कोर से क्रमश: 17वें और 19वें स्थान पर रहे।