तो यह बनेगा मानव के पतन की वजह! लत में दो युवा भाइयों को नहीं रही कोई सुध

नई दिल्ली (19 फरवरी) :  क्या ऑनलाइन गेमिंग एक दिन मानव के पतन और विनाश का कारण बनेगा?  प्रसिद्ध स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक फिलीप ज़िम्बारडो ने पिछले साल ये चेतावनी दी थी। 'मैन डिस्क्नेक्टेड'  नामक किताब में ज़िम्बारडो की चेतावनी से कई विशेषज्ञों ने अलग राय व्यक्त की थी। लेकिन दिल्ली की एक घटना से लगता है कि ये चेतावनी सच में तब्दील हो सकती है। गेमिंग की लत बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है।

 

दिल्ली में दो भाईयों का गेमिंग की लत के चलते राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोविज्ञान विभाग एक महीने तक इलाज की सलाह दी गई। इनमें से बड़ा भाई 22 साल का है और इंजीनियरिंग कॉलेज में सेकेंड ईयर का छात्र है। वहीं छोटा भाई 19 साल का है और बारहवीं कक्षा का छात्र है। इन दोनों को उनके माता-पिता अस्पताल लेकर आए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों भाई सामाजिक तौर पर जहां बिल्कुल कटे हुए हैं वहीं शारीरिक तौर पर भी निष्क्रिय हैं।

हमेशा गेमिंग में ही लगे रहने वाले इन दोनों भाइयों को पढ़ाई, खाने, नहाने, कपड़े बदलने की कोई सुध नहीं है। ना ही ये फोन की कॉल अटैंड करते हैं और ना ही घर की डोर बेल सुनते हैं। यहां तक कि इनकी मौजूदगी में घर में दो बार चोरी भी हो चुकी है लेकिन इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। यहीं नहीं सबसे ख़तरनाक बात ये है कि खेलते वक्त ये कपड़ों में ही मल-मूत्र त्याग देते हैं।  

दोनों भाईयो का आरएमएल अस्पताल में इलाज करने वाले मनोवैज्ञानिक डॉ अंकुर सचदेवा का कहना है कि इन दोनों की हालत बीते दो साल में धीरे धीरे बिगड़ी और ऐसी नौबत आ गई। डॉ अंकुर सचदेवा अब फरीदाबाद ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तैनात हैं।