हॉन्गकॉन्ग में 19 वर्षीय लड़के ने बनाई पॉलिटिकल पार्टी

नई दिल्ली (11 अप्रैल): हॉन्गकॉन्ग में 'अम्ब्रेला मूवमेंट' का चेहरा बने 19 वर्षीय जोशुआ वॉन्ग ने एक पॉलिटिकल पार्टी बनाई है। बता दें, इस मूवमेंट के जरिए इस लड़के ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।

ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट के मुताबिक, जोशुआ भले ही अभी कम उम्र के कारण उम्मीदवार बनने के लिए अभी योग्य ना हों, लेकिन वह न्यू डेमोसिस्टो पार्टी के जनरल सेक्रेटरी है। पार्टी की प्राथमिक नीति है हॉन्गकॉन्ग के लिए 'आत्म निर्णय' की स्वायत्ता है। सितंबर तक उम्मीदवार लेजिस्लेटिव काउंसिल के चुनावों में भले ही खड़े हो सकते हैं। पार्टी के चेयरमैन नाथन लॉ ने कहा, वह और दो अन्य सदस्य चुनाव में सीटों पर खड़े होने का विचार कर रहे हैं। 

डॉमिनिस्टो ने हॉन्गकॉन्ग में कई नई पार्टियों में से एक और नई पार्टी बन गई है। जो चीनी शासन से स्वायत्ता बरकरार या बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन इन्हें बीजिंग समर्थक पार्टियों का सामना भी करना पड़ेगा। इस साल की शुरुआत में यह फैसला किया गया कि वॉन्ग के पूर्व में रह चुके छात्र संगठन स्कॉलरिज़्म को शहर की सड़कों पर आंदोलन के लिए उतारा जाए। साथ ही इसे सत्ता के गलियारों तक ले जाया जाए।

जोशुआ ने बताया, "सड़कों पर आंदोलन पर्याप्त नहीं है, अगर हम एक अच्छे भविष्य के लिए लड़ना चाहते हैं। हमें सिस्टम में कूदना पड़ेगा। पॉलिटिकल पार्टी बनानी होगी। अपना राजनैतिक एजेंडा बनाना होगा। जिससे हम स्वायत्ता प्राप्त कर सकें।" जोशुआ अधिकारियों से लड़ने के मामले में पहले से ही काफी विख्यात हैं। उन्होंने अपनी पहचान स्कॉलरिज्म से बनाई थी। 2012 में प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन के खिलाफ उन्होंने एक सफल अभियान चलाया था। जो हॉन्गकॉन्ग में पढ़ाए जाने के लिए बनाया गया था। जिस प्रोग्राम में 1989 तियाननमन स्क्वायर पर हुए नरसंहार की जानकारी को हटाया गया था, उसे कम्यूनिस्ट समर्थक ब्रेनवॉशिंग माना गया।

2014 में जोशुआ ने अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाई, जब उन्होंने अम्ब्रेला मूवमेंट चलाया। जिसमें लोकतंत्र की मांग की गई और मतदान के अधिकारों में बढ़ोतरी की मांग कई गई। अहिंसक नागरिक सविनय अवज्ञा का आंदोलन पूरी दुनिया की मीडिया की कवरेज का हिस्सा बना था। वॉन्ग का कहना है, "हॉन्गकॉन्ग के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करना चाहिए। ना कि कम्यूनिस्ट पार्टी को यह करने देना चाहिए।"