जाकिर पर शिकंजा कसने की ओर केंद्र का पहला कदम, फाउंडेशन के खिलाफ नोटिस जारी

नई दिल्ली (9 अगस्त): केंद्र सरकार ने इस्‍लामिक प्रचारक जाकिर नाइक की संस्‍था इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के खिलाफ नोटिस जारी किया है। यह निरीक्षण नोटिस कथित तौर पर विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन के लिए जारी किया है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए इस नोटिस को जाकिर पर नकेल कसने के रूप में पहला कदम माना जा रहा है। इधर, कानून मंत्रालय ने जाकिर की संस्‍था को यूएपीए एक्‍ट के तहत बैन करने का प्रस्‍ताव गृह मंत्रालय को दिया है। 

ढ़ाका अटैक के बाद जाकिर के फाउंडेशन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और लोगों का धर्मान्तरण करने के लिए लगे आरोपों के बाद यह पहली बार है जब सरकार ने कानूनी तौर पर कोई कार्रवाई की है। 

बता दें कि एक जुलाई को बांग्लादेश के ढ़ाका में आतंकी हमले हुए थे। जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमाके के बाद कहा था कि हमलावरों में से कुछ जाकिर नाइक से प्रेरित थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि भारत में भी जाकिर ने कुछ आतंकियों को प्रेरित किया।

इस्लामिक धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाइक के रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत रजिस्टर्ड है।