भावुक हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कहा- मौलवी साहब मुझे देख रो पड़े थे

rajnath singh in convocation day in lucknow university.

नई दिल्ली (9 दिसंबर) लखनऊ विश्वविद्यालय के 60वें दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह ने छात्र-छात्राओं को पदक और डिग्री वितरण के बाद अपने स्कूल के दिनों के बारे में बात की, जिसमें राजनाथ सिंह ने अपने बचपन में स्कूल शिक्षकों के योगदान पर प्रकाश डाला. गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने कहा कि हमें जीवन में हर पल गुरुओं के महत्व को हमें समझना चाहिए।

दीक्षांत समारोह में छात्रों को अपने बचपन के स्कूली दिनों का किस्सा सुनाते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूल के दिनों में मेरे एक शिक्षक मौलवी साहब मुझे छड़ी से पीटते थे। उनका सिखाया हुआ अनुशासन मेरे जीवन में बहुत काम आया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्राइमरी में हमारे पीटी के शिक्षक मौलवी साहब थे। जब कोई बच्चा अनुशासनहीनता करता तो वो उसे कभी छड़ी से पीटते थे तो कभी थप्पड़ लगाते थे। उनकी पिटाई से सभी बच्चे सही पीटी करने लग जाते।

राजनाथ सिंह ने अपने मौलवी साहब को याद कर बताया कि, ‘लंबे समय बाद जब मैं उत्तर प्रदेश का शिक्षा मंत्री बना और मैं अपने काफिले के साथ अपने घर जा रहा था तो वाराणसी के पास चंदौली के करीब सड़क किनारे मैंने 90 साल के बुजुर्ग को फूल लिए हुए खड़े देखा। मैं तुरंत पहचान गया कि यह तो मेरे वही मौलवी साहब हैं. मैंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और मौलवी साहब जो मेरे लिये फूलों की माला लेकर खडे़ थे, उसे मैंने उनके गले में डाला और उनके पैर छूकर आर्शीवाद लिया। मौलवी साहब रोने लगे और मैं भी भावुक हो गया.’