दलितों की रक्षा को लेकर सरकार सजग: लोकसभा में बोले राजनाथ सिंह

नई दिल्ली(3 अप्रैल): केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को हुए दलित आंदोलन पर लोकसभा में बयान दिया है। एससी-एसटी एक्ट पर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी सरकार ने महज 6 दिनों में ही रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दिया।

- राजनाथ सिंह ने लोगों से शांति की अपील करते हुए यह आश्वासन दिया कि उनकी सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के हितों की रक्षा के लिए तत्पर है। राजनाथ सिंह के संबोधन के दौरान विपक्षी दलों के सांसद वेल में हंगामा करते रहे। 

- राजनाथ सिंह ने कहा कि आरक्षण खत्म को लेकर भी अफवाहें फैलाई जा रहीं हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं। मंगलवार को लोकसभा में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रोष देखने को मिला है। लोग सड़कों पर उतर आए। 

- गृहमंत्री ने कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि संविधान द्वारा दिए गए प्रोटेक्शन के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार ने एससी-एसटी प्रिवेंशन ऑफ एट्रॉसिटी ऐक्ट में कोई डाइल्यूशन नहीं किया है।' 

- राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने कार्यभार संभालते ही इसके मौजूदा प्रावधानों का अवलोकन किया और इसे मजबूत करने का फैसला किया। 2015 में हमारी सरकार ने संशोधन कर इस ऐक्ट में नए प्रावधान जोड़े गए। पीड़ितों को मिलने वाली राहत राशि को भी बढ़ाया। 

- केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का फैसला किया। इसके बाद एजी ने त्वरित सुनवाई की अपील की जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आज स्वीकार कर लिया। राजनाथ सिंह ने कहा, '20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। 6 दिन के अंदर पूरी तत्परता और प्रतिक्रिया के साथ समस्त कानूनी प्रकरिया का पालन कर रिव्यू पिटिशन दाखिल कर दी गई' 

- राजनाथ सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर भी फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार हैं। उन्होंने देशभर में शांति के लिए अपील की। उन्होंने सदन को बताया कि शंति व्यवस्था के लिए राज्यों को अडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। राज्यों को मदद भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद की अपील की।