हॉकी वर्ल्ड कप 2018: भारतीय कोच ने अंपायरों के सिर फोड़ा हार का ठीकरा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 दिसंबर): हॉकी वर्ल्ड कप के क्वॉर्टर फाइनल में भारत को नीदरलैंड्स से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा है। अंतिम क्वॉर्टर में नीदरलैंड्स की टीम ने दूसरा गोल दागा इसके बाद उसने टीम इंडिया को वापसी का मौका नहीं दिया और भारतीय चुनौती को यहीं खत्म कर दिया।

नीदरलैंड से 1–2 से हारने के बाद हरेंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मेरी समझ में नहीं आता कि अमित रोहिदास को 10 मिनट का येलो कार्ड क्यों दिखाया गया, जबकि मनप्रीत को पीछे से धक्का मारने पर भी डच खिलाड़ी को कोई कार्ड नहीं मिला। हम एशियाई खेल के बाद वर्ल्ड कप जीतने का मौका भी खराब अंपायरिंग से गंवा गए।'  भारतीय कोच ने कहा, 'मैं इस हार के लिए माफी चाहता हूं लेकिन जब तक अंपायरिंग का स्तर नहीं सुधरेगा। हम ऐसे ही नतीजों का सामना करते रहेंगे। भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा, 'दो बड़े टूर्नमेंटों में हमारे साथ ऐसा हुआ। लोग हमसे पूछते हैं कि हम जीत क्यों नहीं रहे। हमारी टीम के प्रदर्शन में सुधार क्यों नहीं आ रहा लेकिन हम क्या जवाब दें।'  भारतीय कोच ने शिकायत दर्ज करने से इनकार करते हुए कहा, 'मेरे करियर में किसी भी विरोध का नतीजा अच्छा नहीं रहा है। हम इसे गरिमा के साथ स्वीकार करते हैं लेकिन तटस्थ अंपायरिंग की भी मांग करते हैं। अंपायर का एक गलत फैसला किसी टीम की 4-5 साल की मेहनत पर पानी फेर देता है।'हार के बावजूद भारतीय कोच ने अपने खिलड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, 'उन्होंने बराबरी से मुकाबला किया और मैं उनको सलाम करता हूं। दोनों टीमों ने काफी आक्रामक हॉकी खेली और कई बार आप सही पोजिशन पर नहीं रहते या स्टिक सही जगह नहीं होती तो यह सब होता रहता है। गोलकीपर के बिना भी जिस तरह से मेरे खिलाड़ी खेले, उनको सलाम है।'  भविष्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'हमने वर्ल्ड कप तक की रणनीति बनाई थी। अब हॉकी इंडिया के साथ बैठकर आगे के बारे में सोचेंगे। हम प्रो लीग नहीं खेल रहे हैं लेकिन जहां भी होगी, हम जाएंगे ताकि टेस्ट मैच खेल सकें।'