मो. शाहिद की मदद के लिए बूट पालिश कर पैसे जुटाए थे इस खिलाड़ी ने

गुड़गांव (20 जुलाई) :  पूर्व ओलम्पियन और हॉकी दिग्गज मोहम्मद शाहिद आख़िर जिंदगी की जंग हार गए। गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में लीवर और किडनी की बीमारी के चलते शाहिद ने आखिरी सांस ली।

1980 मास्को ओलंपिक में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले शाहिद को बीमारी की वजह से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था। इसके चलते उन्होंने सरकार से इलाज में मदद की अपील भी की थी।

इलाज के लिए पैसे की कमी से जूझ रहे भारतीय हाकी टीम के पूर्व स्टार खिलाड़ी रहे मोहम्मद शाहिद की मदद को ऊना के एक पूर्व हाकी खिलाड़ी अश्वनी कुमार ने जज्बा दिखाते हुए नौ घंटे तक बूट पालिश कर धन जुटाया था। उन्होंने अन्य लोगों को भी भारतीय हाकी के लिए उम्दा योगदान देने वाले मोहम्मद शाहिद की मदद में आगे आने का संदेश दिया था।

अश्वनी ने कुछ दिन पहले ऊना बस स्टैंड में बूट पालिश का ब्रश लेकर डेरा जमा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के बूट पालिश कर धन जुटाया। सुबह नौ से शाम छह बजे तक बस स्टैंड में लगातार नौ घंटे तक यात्रियों के बूट पालिश करते हुए अश्वनी ने शाहिद की मदद के लिए पैसे जुटाए।