3 साल के बाद HIV संक्रमित बच्चे को स्कूल में मिला एडमिशन

नई दिल्ली (29 मार्च): उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर के एक एचआईवी संक्रमित परिवार पिछले तीन सालों से 'सामाजिक तिरस्कार' का सामना कर रहा था। एचआईबी संक्रमण की बात फैलने पर परिवार के 8 साल के एक बच्चे को स्कूल में दोबारा एडमिशन तक नहीं मिला। इस वजह से यह बच्चा अपने घर पर ही रह रहा था। तीन साल के बाद अब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एक स्थानीय सरकारी स्कूल ने लड़के को एडमिशन देने का फैसला किया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार को साल 2011 में एचआईबी संक्रमण के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद से उन्हें समाज में तिरस्कार की नज़र से देखा जा रहा था। लड़के के माता पिता ने आरोप लगाया था कि उन्हें प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूलों ने उसे एडमिशन देने से मना कर दिया था। इसका कारण बताया गया कि एडमिशन देने से उनके स्कूल की 'प्रतिष्ठा खराब' होगी। इस वजह से दूसरे बच्चों के माता पिता उन्हें स्कूलों से निकाल लेंगे। 

इस मामले में जिला प्रशासन ने जांच कराने का आदेश दिया। साथ ही यह भी कहा कि बच्चे को शिक्षा से वंचित ना किया जाए, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। गाज़ीपुर के जिला प्रशासन ने स्कूल का दौरा किया और दूसरे छात्रों के माता पिता से बातचीत की। जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने बच्चे को क्लासेस अटैंड करने के लिए मंजूरी दे दी है।

उत्तर प्रदेश में नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के दयानंद कुमार गुप्ता ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एचआईबी संक्रमित मरीजों के संबंध में जागरुकता की कमी के चलते हुई है।