पेट्रोल और होगा महंगा!

नई दिल्ली ( 13 दिसंबर): मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। जून 2015 के बाद मंगलवार को पहली बार कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंची हैं।दरअसल, पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) ने पहले से ही उत्पादन में कटौती कर रखी है, इस बीच यूके की सबसे बड़ी नॉर्थ सी ऑइल पाइपलाइन अचानक बंद हो गई, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। इस समय तेल की कीमतें 30 महीने के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। 

बताया जा रहा है कि नॉर्थ सी पाइपलाइन करीब 3 हफ्ते तक बंद रह सकती है। गैस की कीमतें भी 5.8% बढ़ गई हैं। नियमित जांच के दौरान पाइपलाइन में क्रैक का पता चला था, जिसके बाद यह फैसला लेना पड़ा। यह पाइपलाइन सिस्टम ( Forties oil pipeline) दुनियाभर में तेल की कीमतों को सेट करता है। पहले तय हुआ था कि दिसंबर में हर रोज 406,000 बैरल्स तेल पंप किया जाएगा, लेकिन यह सोमवार को बंद हो गया। 

ट्रेडर्स का कहना है कि पिछले कई वर्षों में अचानक इस तरह की स्थिति पहली बार पैदा हुई है। ब्रेंट क्रूड (ग्लोबल बेंचमार्क) बढ़कर 65.59 डॉलर पर पहुंच गया। US क्रूड भी बढ़कर 58.48 डॉलर पर पहुंच गया।