हादसे में शरीर के दो टुकडे हो गए, मरते-मरते जो कहा रुला देगा...

नई दिल्ली (17 फरवरी): इस तस्वीर में जिस युवक को आप देख रहे हैं, यह इस दुनिया में अब नहीं है। इस युवक का नाम हरीश ननजप्पा था। मंगलवार को एक भयानक हादसे में हरीश के ऊपर से तेजी से आता हुआ एक ट्रक गुजर गया। जिससे उसके शरीर के दो टुकड़े हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, 24 वर्षीय हरीश ने अपनी आखिरी सांसे लेते वक्त जो लोग भी उसे बचाने के लिए आए, उनसे अपने अंगदान करने के लिए कहा। हरीश ने कहा कि उसके जितने ज्यादा अंगों का संरक्षण किया जा सके, उन्हें दूसरों को नई जिंदगी देने में मदद के लिए दान कर दें।

हरीश एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। वह मंगलवार सुबह अपने गांव टुमकुरु से वापस बैंगलुरु लौट रहा था। तभी राज्य के हाई-वे पर उसकी बाइक को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। वहां गुजरने वाले लोग शुरुआत में काफी डर गए थे। लेकिन जल्दी ही उन्होंने पुलिस और एम्बुलेंस को बुलाया। हरीश अभी तक होश में था, लेकिन उसे एहसास हुआ कि वह मर रहा है। इसके साथ ही जैसे ही उसे एम्बुलेंस में ले जाया गया, उसने अपने अंग दान कर देने की इच्छा ज़ाहिर की।

डेप्यूटी एसपी राजेंद्र कुमार ने बताया, "एम्बुलेंस हरीश के पास एक्सीडेंट के 8 मिनट के बाद पहुंच गई। जब उसे पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया तब तक वह जिंदा था। वहां पहुंचने के कुछ मिनट के भीतर ही उसकी मौत हो गई।" डॉक्टर्स भी हैरान थे कि किस तरह भयानक हादसे में दो हिस्सों में कट चुका शख्स इतना सब कैसे बता सका।

आखिरी सांस लेने से कुछ मिनट पहले ही उसकी आंखें नारायण नेत्रालय को दान कर दी गईं। उसकी आंखें हेलमेट पहने रहने की वजह से बच गई थीं। उसके दूसरे अंगों को संरक्षित नहीं किया जा सका क्योंकि हादसे में वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।