मुंबई में किडनी रैकेट पर बड़ा खुलासा: पीड़ित ने बताया, कैसे होता था सौदा

नई दिल्ली (19 जुलाई): मुंबई किडनी रैकेट मामले में हर रोज नये खुलासे हो रहे हैं। रैकेट से जुड़े 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब इस रैकेट का एक बेरहम चेहरा सामने आया है। न्यूज 24 के सामने एक गवाह ने इस रैकेट के हर राज से पर्दा उठाया है। ये एक ऐसा गवाह है जो सिर्फ पीड़ित ही नहीं बल्कि इस रैकेट के पर्दाफाश करने में बड़ी भूमिका निभाई है। अडरग्राउंड रहकर इसने किडनी रैकेट से जुड़ी सारी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाई थी और लगातार इस रैकेट पर नजर जमाए था।

इसी कि निशानदेही पर पिछले दिनों मुंबई के फाइव स्टार हीरानंदानी हॉस्पीटल में छापा मारकर पुलिस ने किडनी ट्रांसप्लांट के एक अवैध रैकेट को बेनकाब किया था। सफेद कोट की आड़ में चलने वाले गोरखधंधे का पर्दाफाश किया था। इसी के निशानदेही पर अब तक इस रैकेट से जुड़े 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। 

इस गवाह ने बताया कि 10 लाख में युवक से किडनी का सौदा तय हुआ। युवक के मुताबिक 17 मार्च को हीरानंदानी हॉस्पीटल में इसका ऑपरेशन हुआ लेकिन जिस पैसे के लिए इसने अपनी किडनी बेची वो पैसा नहीं मिला। युवक के मुताबिक इस रैकेट में सफेद कोट वाले डॉक्टर भी शामिल होते हैं।

युवक ने रैकेट से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। बड़े अस्पतालों में दलालों की मिलीभगत से ये धंधा सिर्फ मुंबई में ही नहीं बल्कि मुंबई, गुजरात, चेन्नई और मध्य प्रदेश जैसे बड़े शहरों से भी इस रैकेट के तार जुड़े हैं।  युवक के मुताबिक 1 किडनी की कीमत लगभग 50 लाख में तय होती थी। या फिर किडनी खरीदने वालों की हैसियत पर और दलाल गरीबों , भिखारियों से 10 लाख में किडनी बेचने का सौदा करते थे। सौदा तय हो जाने पर किडनी ट्रांसप्लांट का अवैध दस्तावेज तैयार किया जाता था। किसी को भाई बनाकर तो किसी को रिश्तेदार बताकर अवैध ऑपरेशन किया जाता था।

पुलिस युवक की तहरीर और निशानदेही पर लगातार छापा मार रही है और हर दिन इस रैकेट से जुड़े नये खुलासे हो रहे हैं पुलिस ने अब तक रैकेट के सहरगना ब्रिजेंद्र बिसेन सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी भी कई नकाबपोश कानून के शिकंजे से बाहर हैं।