कराची में महाशिवरात्रि पर देखते ही बना हिंदू श्रद्धालुओं का उत्साह

 

कराची : महाशिवरात्रि पर कराची के मंदिरों में बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु जुटे। समुद्र तट के पास स्थित क्लिफ्टन इलाके में ऐतिहासिक श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में सबसे ज़्यादा उत्साह दिखा।

यहां बहुत सवेरे से ही श्रद्धालुओं का शिवलिंग को जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस त्योहार को भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह समारोह के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। महिलाएं फूल, नारियल, चावल, धूप और दिया लेकर समुद्र तट पर पहुंचती हैं और वहां सूर्योदय से पहले नंगे पांव चल कर मंदिर पहुंचती हैं।      

इस दिन महिलाएं अपने सुखी विवाहित जीवन के लिए व्रत रखती हैं। कुंवारी लड़कियां भी योग्य वर की कामना के साथ व्रत रखती हैं। मंदिर के पुजारी महाराज रवि रमेश के मुताबिक पुरुष भी व्रत रखते हैं क्योंकि शिवरात्रि पर सभी के लिए व्रत रखना अनिवार्य होता है। लेकिन अस्वस्थ लोगों को इससे छूट होती है।

उधर, लाहौर में इस साल महाशिवरात्रि उत्सव में हिस्सा लेने के लिए 120 से ज्यादा हिंदू तीर्थयात्री भारत से पहुंचे।

पाकिस्तान में मंदिरों और गुरुद्वारों की देखरेख करने वाले इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया, "वाघा सीमा से 125 हिंदू तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं।" उत्सव के लिए पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में स्थित कटास राज मंदिर रवाना होने से पहले इन तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारा डेरा साहिब और लाहौर के किले में ठहराया गया।