बांग्लादेश में हिंदू दर्जी की धारदार हथियारों से हत्या

ढाका (30 अप्रैल) : उत्तरी बांग्लादेश में अज्ञात हमलावरों ने एक हिंदू दर्जी की शनिवार को धारदार हथियारों से हत्या कर दी। बांग्लादेश में बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों पर जघन्य हमलों की कड़ी से ही इस हत्या को जोड़ कर देखा जा रहा है।  

बताया गया है कि 50 वर्षीय निखिल चंद्रा जोरदर अपनी दर्जी की दुकान पर बैठे थे कि करीब 12 बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग वहां आए। आरोप है कि निखिल को सड़क पर बुलाकर धारदार हथियारों से काट डाला गया। ये वारदात तंगैल ज़िले के गोपालपुर उपज़िला में दुबाएल गांव में हुई।

गोपालपुर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इंचार्ज़ मोहम्मद अब्दुल जलील ने ढाका ट्रिब्यून को बताया कि हत्या को अंजाम देने वाले तीनों हमलावर की तलाश जारी है। हमलावरों ने घटनास्थल पर एक काला थैला भी छोड़ा जिसमें बम की तरह 3-4 चीज़ें थीं। हमलावरों का इरादा पूरे इलाके में दहशत फैलाना था।  

पुलिस के मुताबिक निखिल पर 2012 में केस हुआ था जिसमें पैगंबर मोहम्मद की अवमानना का आरोप लगा था। लेकिन बाद में निखिल को रिहा कर दिया गया था। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक हत्या का कारण ये भी हो सकता है।   

बांग्लादेश में बुद्धिजीवियों, ब्लॉगरों और अल्पसंख्यकों पर हालिया महीनो में कई हमले हुए हैं। पिछले शनिवार को राजशाही यूनिवर्सिटी में एक उदारवादी मुस्लिम प्रोफेसर की हत्या कर दी गई थी। उस हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ली थी। दो दिन बाद सोमवार को ढाका में बांग्लादेश की पहली गे मैगजीन के एडिटर और उसके दोस्त की हत्या कर दी गई। पिछले साल चार धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगर्स को भी इसी तरह मौत के घाट उतार दिया गया था।