कठोर निर्णय और अपराधियों को सजा देने वाला रहेगा नव संवतसर

नई दिल्ली (28 मार्च): हिन्दु नव वर्ष यानी विक्रम संवत् का शुभारंभ चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से होता है। इस बार प्रतिपदा मंगलवार को है। जहां सुबह 8 बजकर 30 मिनट तक अमावस्या है वहीं प्रतिपदा अगले दिन सूर्योदय के पहले ही प्रतिपदा समाप्त हो रही है। ऐसे में मंगलवार को ही नए संवत्सर 2074 का शुभारंम माना जाएगा। इस बार विक्रम संवत् 2074 का नाम साधारण संवत्सर है जिसका राजा मंगल और मंत्री गुरु है।


मंगल में अग्नि का कारक, विस्फोटक, साहसी, ऊर्जावान आदि गुण होते हैं। गुरु सत्व प्रधान है और राजनीतिक व शिक्षा का भी कारक है। ऐसे में राजा का सलाहकार बहुत ही बुद्धिमान, नेक व ईमानदार होगा जिससे राजा को सही मार्गदर्शन मिलेगा। राजा मंगल होने के परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार पर आवश्यक अंकुश लगेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, राजा के कार्यों की जनता भूरि भूरि प्रशंसा करेगी। राज देश व राज्य के हित में निर्णय लेने में जरा भी संकोच नहीं करेगा। आर्थिक विकास दर बेहतर होगी और पूर्व के घपले-घोटाले सामने आएंगे। अपराधियों को कठोर सजा भी मिलेगी।