पाकिस्तान में हिंदुओं को बचाओ, हिंदुओं का 'नर्किस्तान' बन रहा पाकिस्तान

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (13 अप्रैल): पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दू आबादी डरी और सहमी हुई है। हिन्दूओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। खासकर हिन्दू लड़कियों से बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है उनका अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन करने को मजबूर किया जा रहा है। जो इस जबरदस्ती के खिलाफ आवाज उठाती हैं उनको मौत के घाट उतार दिया जाता है। हालांकि पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार तीन महीने पहले यानि दिसंबर 2016 में सिंध एसेंबली में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए एक बिल पेश किया था। क्रिमनल लॉ अधिनियम-2015 का मकसद हिंदू अल्पसंख्यकों के जबरन धर्मांतरण को रोकना था। पाकिस्तान में हिन्दुओं की बड़ी आबादी सिंध प्रांत में ही बसती है। सिंध एसेंबली में बिल पेश हुए तीन महीने होने को आए हैं लेकिन अभीतक सरकर बिल को कानून का रूप नहीं दे पाई है कारण कट्टरपंथी धार्मिक समूहों का विरोध। विरोध के कारण ही इस बिल को यह कहकर वापस ले लिए गया था कि इसमें अधिक संशोधन की गुंजाइश है। अल्पसंख्यक हिंदुओं का मानना है कि सिंध सरकार रूढ़िवादी समूहों के दबाव के कारण इस बिल पर दोबारा चर्चा शुरू करने से कतरा रही है जिसके कारण पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों में दहशत और बढ़ गई है। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता राधा बहेल के अनुसार मीरपुर जिले में पिछले तीन महीने में तीन हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। राधा बहेल ने बीबीसी से बातचीत में इसका खुलासा किया है। राधा का कहना है कि विधेयक को वापस लेने के सरकारी फैसले ने हिंदू लड़कियों के जीवन को और मुश्किलभरा बना दिया है। हिंदू न सिर्फ निराश हैं बल्कि पहले से ज्यादा डरे हुए भी हैं।


पाकिस्तान में हो रहा हिंदू लड़कियों पर अत्याचार- पाकिस्तान काउंसिल ऑफ मेघवार के अध्यक्ष अर्जुन दास बताते हैं कि गैरहिंदू बिरादरी के स्थानीय रसूखदार लोग हमारी शादीशुदा बेटियों और बहनों का अपहरण करवाते हैं और फिर उन्हें जबरन मुसलमान बना देते हैं। उसके बाद जबरन उनकी दोबारा शादी करवा दी जाती है। सामाजिक कार्यकर्ता राधा बहेल ने बीबीसी से बातचीत में हाल ही का एक किस्सा बताता। मीरपुर जिले के एक गांव में अंजू नाम की लड़की का अपहरण हुआ। तीन चार महीनों तक बहुत पीटा गया जबरन धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया गया लेकिन उसने कहा कि मैं मर जाऊँगी, लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ूंगी। राधा बहेल ने बताया ऐसे कई किस्से मीरपुर जिले में मिल जाएंगे। ऐसी ही खबर पिछले महीने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नसीराबाद जिले से आई है। जहां एक हिंदू लड़की की कुल्हाड़ी से काटकर बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई। लड़की का कसूर इतना था कि उसने हिंदू धर्म छोड़ने से मना कर दिया था।


पाकिस्तान में डरे हुए हिंदू, पाक मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट करती है खुलासा- पाकिस्तान में बसे हिन्दुओं में से लगभग 96 फीसदी सिंध और पंजाब प्रान्त में ही रहते हैं। 1965 से लेकर अब तक तकरीबन सवा लाख पाकिस्तानी हिन्दू भारत की तरफ पलायन किया है।पाकिस्तान मानव अधिकार आयोग के मुताबिक हर साल 1000 हिंदू पाकिस्तान से भाग कर भारत जा रहे हैं। 1965 के युद्ध के दौरान 10 हजार हिंदूओं की आबादी अपनी संपत्ति छोड़कर भारत भागी। 1971 के युद्ध के दौरान लगभग नब्बे हजार हिंदू राजस्थान के शिविरों में चले आए। 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद पाकिस्तान में हिंदूओं का नरसंहार हुआ। पांच साल के दौरान लगभग 17 हजार पाकिस्तानी हिंदू भारत भागने पर मजबूर हुए। पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। हिंदू युवतियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म, अपहरण की घटनाएं आम हैं। पाकिस्तान के स्कूलों में हिंदू बच्चों को जबरन इस्लाम की शिक्षा दी जाती है। गैर-मुस्लिमों, खासकर हिंदुओं के साथ असहिष्णु व्यवहार किया जाता है।


    * 2015- यूरोपियन पार्लियामेंट इंटर ग्रुप आन फ्रीडम आफ रिलीजन की सालाना रिपोर्ट में कहा गया 5,000 हिंदूओं को पाकिस्तान छोड़ने पर किया गया मजबूर।

    * 2014- मूवमेंट फॉर पीस एंड सॉलिडेरिटी इन पाकिस्तान (एमएसपी) के अनुसार 700 ईसाई और 300 हिंदू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया।

    * 2012- पाकिस्तान के नेशनल कमिशन फॉर जस्टिस एंड पीस की वर्ष 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक 74 प्रतिशत हिन्दू महिलाएं यौन शोषण का शिकार होती हैं।

    * 2012- पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में हर महीने 20 से 25 हिन्दू लड़कियों का अपहरण होता है।

    * 2011- पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 12 से 14 साल की नाबालिग हिन्दू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया।


हिंदूओं के धार्मिक स्थलों को चुन-चुन कर किया जा रहा है खत्म-

    * पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के मुताबिक 1400 से अधिक पवित्र स्थान जहां उनकी पहुंच नहीं है।

    * हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को समाप्त कर वहां दुकानें, होटल, गोदामों में बदला जा रहा है।

    * माइनॉरिटी राइट ग्रुप के मुताबिक पाकिस्तान में तकरीबन 120 हिन्दू मंदिरों को गिराया गए।

    * आजादी के वक्त पाकिस्तान में 428 बड़े मंदिर थे, जिनमें से अब सिर्फ 26 ही बचे हैं।


भारत में शरण लेने को मजबूर पाक के हिंदू-

    * केंद्र सरकार ने पिछले 5 साल में 1810 पाकिस्तानी हिंदूओं को भारतीय नागरिकता दी।

    * 2011-301, 2012-356, 2013-301, 2014-266 और 2015 में 263 नागरिकता दी।

    * साल 2016 में 15 जून तक 323 पाकिस्तानी हिंदूओं को नागरिकता प्रदान की गयी है।

    * फिलहाल सरकार 2062 पाकिस्तानी हिंदूओं की अर्जी पर विचार कर रही है।