हिमाचल-तिब्बत सीमा पर सफेद आफत, एवलांच में सेना का एक जवान शहीद, पांच लापता

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 फरवरी): हिमाचल प्रदेश और तिब्बत के सरहदी इलाकों में कुदरत का कहर टूटा है। यहां के किन्नौर जिले में तिब्बती सीमा के पास एवलॉन्च आया है। ये हिमस्खलन की यह घटना डोगरी नाला क्षेत्र में हुई है। यह इलाका पहले कभी भी हिमस्खलन की चपेट में नहीं आया था। इस बर्फीले तूफान की चपेट में सेना के 6 जवान आ गए हैं। इसमें एक जवान के मौत की खबर आ रही है जबकि 5 जवान लापता बताए जा रहे हैं। पांचों लापता जवानों की खोज जारी है। बताया जा रहा है कि ये तूफान बुधवार को 11 बजे के करीब आया था, जिसमें छह जवान फंस गए थे। सेना और आईटीबीपी के जवान बचाव और राहत अभियान में लगे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि भारत-चीन सीमा पर 16 जवान गश्त कर रहे थे, उसी बीच हिमस्खलन हुआ। गश्ती कर रहे जवानों में से छह उसकी चपेट में आ गए और दब गए। काफी मशक्कत के बाद उनमें से एक जवान को बाहर निकाला गया लेकिन उनकी मौत हो गई। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि जब तक आखिरी व्यक्ति को बाहर निकाल नहीं लिया जाता, तब तक तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहेगा। सेना के जवानों समेत करीब 150 व्यक्ति फंसे हुए जवानों को ढूंढने में जुटे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2017 और 2018 में जम्मू-कश्मीर के कई पर्वतीय इलाकों में भी हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई सैन्यकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में हाल में हुई बर्फबारी के कारण शिमला जिले में कुफरी और कुल्लू जिले के मनाली में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। स्थानीय मौसम कार्यालय ने बताया कि कुफरी और मनाली का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे क्रमश: 1.6 और 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसमें बताया गया है कि लाहौल और स्पीति का प्रशासनिक केन्द्र केलांग राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है और यहां का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 9.8 डिग्री सेल्सियस है। इसमें बताया गया है कि किन्नौर जिले के कल्पा का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।