ट्रंप नहीं... हिलेरी क्लिंटन बनेंगी अमेरिकी राष्ट्रपति ?

नई दिल्ली (25 नवंबर): अमेरिका के  वकीलों और कंप्यूटर विशेषज्ञों के एक समूह ने हिलरी क्लिंटन की प्रचार मुहिम के प्रभारी से कहा है कि वे विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेंसिलवेनिया राज्यों में दोबारा मतगणना कराने की याचिका दाखिल करें। इन लोगों का मानना है मतगणना के दौरान व्यापक साइबर घोटाला हुआ है। वकीलों और कंप्यूटर विशेषज्ञों को यह भी आशंका है कि मतगणना के दौरान कंप्यूटर हैक किये गये थे।  अगर हिलेरी पुनः मतगणना की याचिका दाखिल करती हैं और आशंकाएँ सच साबित होती हैं तो ट्रंप जीतने के बाद भी ट्रंप का राष्ट्रपति बनने का सपना टूट जाय़ेगा और हिलेरी क्लिंटन 45वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। हालांकि इस बात के पक्के सबूत नहीं है कि परिणाम हैक किए गए थे या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ कोई गड़बड़ी की गई थी।

इन सभी चर्चाओं के बीच मीडिया ने क्लिंटन के  कैंपेन प्रभारी से  पूछा था कि क्या उनकी ओर से दोबारा मतगणना की याचिका दी जाएगी, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इन तीनों राज्यों में पुन: मतगणना करवाने की अपील करने की अंतिम समय सीमा तेजी से निकट आ रही है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेंसिलवेनिया में मामूली अंतर से जीत मिली थी। तीनों राज्यों में इससे पिछले कुछ राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रैटिक पार्टी को ही जीत मिलती रही है।

मतदान अधिकार अटार्नी जॉन बोनिफाज और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन सेंटर फॉर कंप्यूटर सिक्यॉरिटी एंड सोसाइटी के निदेशक जे एलेक्स हैल्डरमैन ने इस सप्ताह क्लिंटन कैंपेन से संपर्क किया था। हैल्डरमैन ने साइबर हमले या मतदान में किसी प्रकार की अनियमितता का कोई सबूतों से इंकार किया था। हालांकि उन्होंने ऐसी किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए फिर से मतगणना की अपील की। इस संबंध में ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल की प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनकी ओर से भी इसका तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।