टेरीटोरियल आर्मी से भागकर जहूर बना था आतंकी, सुरक्षाबलों ने किया ढेर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 दिसंबर): जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर जहूर ठोकर को मार गिराया है। यह सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि जहूर काफी दिनों से घाटी में आतंक मचा रहा था। जहूर ठोकर 173 टेरीटोरियल आर्मी का सदस्य था और 2016 में सर्विस रायफल के साथ फरार हो गया था। जहूर को सेना ने पहले भी कई बार घेर लिया था, लेकिन वह चमका देकर फरार हो जाता था।

कुछ समय पहले गिरफ्तार किए गए आतंकी अंसार उल हक ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि आर्मी से भागकर हिजबुल की कमान संभालने वाले आतंकी जहूर ठोकर के गिरोह में तीन लड़कियां जासूसी करती हैं। खासतौर से जुड़े सुरक्षा से जुड़े जवानों व अधिकारियों की। ये तीनों जहूर के गुर्गों की दोस्त हैं। उसने बताया कि उसका आका जहूर ठोकर है, जिसके नेटवर्क में करीब 30 आतंकी हैं। यह करीब 70 व्हाट्सऐप ग्रुपों में जुड़े हैं, जिनमें से ज्यादातर में इस नेटवर्क पर जासूसी करने वाली ये लड़कियां शामिल हैं।

ढाई साल से हिजुबल कमांडर है जहूर

पूछताछ में अंसार ने यह भी बताया कि जहूर इस वक्त जम्मू में हिजबुल मुजाहिद्दीन का सुप्रीम कमांडर है। वह पिछले ढाई सालों से जम्मू में होने वाले करीब सभी आतंकी हमले में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से शामिल रहा है। इसके लिए उसने अपना एक नेटवर्क बनाया हुआ है। खासबात यह है कि उसने आतंक के अपने नेटवर्क में काफी पढ़े-लिखे लोगों को शामिल किया है। उसे सीमापार की खुफिया इकाई से हर तरह की मदद मिलती है।

कौन है जहूर ठोकर

जहूर ठोकर हिज्बुल का कमांडर है. वह पहले 173 टेरीटोरियल आर्मी का सदस्य था. वर्ष- 2016 में वह सर्विस रायफल के साथ फरार हो गया और वापस नहीं गया। आर्मी से भागने के बाद वह हिजबुल का आतंकी बन गया। उसकी कार्यशैली से प्रभावित होकर हिजबुल की आला कमान ने उसे कमांडर बना दिया।