...ऐसा होता तो करोड़ों साल पहले ही खत्म हो जाती दुनिया!

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नई दिल्ली (27 नवंबर): दुनिया भर में जिस तरह से प्रदूषण इस कदर बढ़ गया है कि जल्द ही इसपर काबू पाने की जरुरत है, लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि  दुनिया में बढ़ रहे प्रदूषण के बाद सिर्फ बढ़ती कार्बनडाइऑक्साइड चिंता का विषय है तो शायद आप गलत हैं। एक हालिया शोध में सामने आया है कि अगर पृथ्वी पर ऑक्सीजन का स्तर लगातार बढ़ता रहता तो दुनिया करीब चालीस करोड़ साल पहले खत्म हो गई होती। 

एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि जैव विविधता और लगातार हो लगा जलवायु परिवर्तन संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी रहा। अगर यह संतुलन बिगड़ता और धरती पर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती रहती, तो दुनिया चालीस से पैंतालीस लाख साल पहले विस्फोट में नष्ट हो जाती।  यूएस की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रफेसर कोल एडवर्ड ने कहा, 'ऑक्सीजन न सिर्फ जैव विविधता में सहयोग करती है, बल्कि जलवायु से जुड़े बाकी कारकों के उत्पादन में भी सहयोगी है। यह दोनों ही पक्ष स्वतंत्र हैं।' शोध में सामने आए पक्ष से साफ हुआ है कि यदि ऑक्सीजन का उपभोग न किया गया होता और यह लगातार बढ़ती रहती तो यह पर्यावरण के लिए घातक हो सकता था। इससे पृथ्वी के खत्म होने के आसार भी बढ़ जाते।