ऑफिस में पति पर चप्पल फेंकना पड़ा महंगा, मिला तलाक

नई दिल्ली ( 14 नवंबर ) : दोस्तों के सामने ऑफिस में पति पर चप्पल फेंकना एक महिला को महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट ने इसे प्रताड़ना मानते हुए कहा कि पत्नी द्वारा पति के खिलाफ यह मानसिक प्रताड़ना का मामला बनता है और इस ग्राउंड पर तलाक हो सकता है। हाई कोर्ट ने क्रूरता और पत्नी द्वारा घर छोड़ने के ग्राउंड पर पति के फेवर में तलाक का फैसला करते हुए यह कॉमेंट किया है। इससे पहले निचली अदालत ने पति के फेवर में तलाक का फैसला दिया था लेकिन महिला ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 'इस मामले से साफ है कि महिला शादी के तुरंत बाद से ही खुश नहीं थी। जो भी समान इस्तेमाल कर रही थी, उसके बारे में उसे यह दिक्कत थी कि समान पहले से उसके पति की पहली पत्नी ने इस्तेमाल किया था। पति ने इस मामले में अपनी पत्नी के खिलाफ प्रताड़ना का मामला साबित किया है। पति के दोस्तों के सामने उसकी पत्नी ने दफ्तर में उस पर चप्पल फेंकी और मानसिक प्रताड़ना के लिए यह एक्ट काफी है और इस ग्राउंड पर शादी खत्म हो सकती है।' 

दरअसल, कविता और नरेश (दोनों का बदला हुआ नाम) की 12 दिसंबर 2005 को शादी हुई थी। नरेश पहले से तलाकशुदा था। शादी के दो दिनों बाद ही दोनों में प्रॉब्लम शुरू हो गई। कोर्ट में पेश मामले के मुताबिक, कविता की साड़ी गायब हुई थी और इसका इल्जाम उसने अपनी ननद पर लगाया। इसके बाद ही पति-पत्नी ने अनबन शुरू हो गई। पति का आरोप है कि इसी दौरान पत्नी यह आरोप भी लगाया कि घर में पति सहित सबकुछ सेकंड हैंड है। इसी दौरान नरेश के किसी दोस्त ने खाने पर इन्वाइट किया लेकिन महिला ने मना कर दिया।

महिला और उसके पति में अन्य कई बातों को लेकर अनबन चलती रही और तभी 8 जनवरी 2006 को महिला घर छोड़र चली गई। आरोप है कि इसके बाद 18 मई 2007 को महिला अपने पति नरेश के दफ्तर गई और वहां पति के दोस्त के सामने महिला ने अपने पति पर चप्पलें फेंकीं। इसके बाद ही नरेश ने 2011 में पत्नी द्वारा घर छोड़े जाने और प्रताड़ना किए जाने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की। निचली अदालत ने पति के पक्ष में तलाक का फैसला दिया था।