बाबा रामदेव को झटका, कोर्ट ने पूछा किसके आदेश पर काटे गए पेड़


इलाहाबाद (30 अगस्त):
बाबा रामदेव को इलाहाबाद हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। गौतम बुद्ध नगर में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को पट्टे की जमीन देने पर कोर्ट ने सचिव औद्योगिक विकास से इस मामले में हलफनामा मांगा है।

कोर्ट ने यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ से भी जवाब मांगा है और पूछा है कि जमीन पर लगे हरे पेड़ किस कानून के तहत नष्ट किए गए। कोर्ट ने पेड़ काटने के समय मौजूद अधिकारियों की जानकारी भी मांगी है। इसके साथ ही डीएम गौतमबुद्ध नगर को पेड़ों की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।

औसाफ व 13 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस अशोक कुमार की खंडपीठ ने दिया है। हाई कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार के वकील से पूछा था कि, किसके आदेश पर हरे पेड़ों पर बुलडोजर चलाए गए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का उदाहरण देते हुए कहा था कि व्यक्तिगत क्षति की भरपाई तो की जा सकती है, लेकिन समाज को पहुंचने वाली क्षति की भरपाई क्या मुआवजा देकर की जा सकती है।