ऐसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं पाकिस्तान के हिंदू पत्रकार

नई दिल्ली (29 जून): पाकिस्तान में हिंदुओं कहीं भी हों उनके साथ अपमानजनक और दोयम दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार किया जाता है। इसका नया खुलासा एसोशिएट प्रेस ऑफ पाकिस्तान के रिपोर्ट ने किया है। हिंदुओं को वहां नीच और मलैच्छों जैसा समझा जाता है। आम जनजीवन से लेकर ऑफिस-दफ्तर तक हिंदुओं से ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। एसोशिएट प्रेस के  इस रिपोर्टर का नाम साहिब ख़ान ओआद है। उसके नाम के आगे ख़ान लिखा था इसलिए उसके सभी सहकर्मी मुसलमान मान कर सामान्य व्यवहार करते थे।

लेकिन जब उन्हें पता चला कि ख़ान तो उसका मात्र उपनाम है और वो हिंदु है तो उसी दिन से ऑफिस में उसके खाने-पीने के बर्तन अलग कर दिये गये। स्टाफ के सहकर्मियों ने साहिब को अपने साथ बिठाने और खाना खाने से रोक दिया। यह खबर पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने प्रकाशित की तो एसोशिएट प्रेस ऑफ पाकिस्तान के कराची ब्यूरोचीफ परवेज़ आलम ने कहा कि साहिब बीमार था इसलिए उसको अपने बर्तन अलग करने के लिए कहा था। आलम ने किसी भी तरह के भेदभाव या दोयम दर्जे के बर्ताव से इंकार किया। हालांकि एसोशिएट प्रेस के मैनेजिंग डाइरेक्टर मसूद मलिक ने कहा है कि वो मामले की जांच करवा रहे हैं।