सुहागरात पर नवविवाहित जोड़े को इसलिए खिलाते हैं पान

नई दिल्ली (5 जून): हमारे में कई तरह की परंपराएं मनाई जाती है, लेकिन इनके पीछे जो कारण छुपा होता है वह अपने आप में काफी दमदार होता है। ऐसी ही एक परांपरा के अनुसार, सुहागरात पर न्यूली मैरिड कपल को पान चबाने के लिए दिया जाता है। हालांकि इसका कारण जानकर आप भी रोज पान खाने लगेंगे।

पान आयुर्वेदिक औषधि है। मुंह से बदबू आती है, तो पान चबाएं। पान माउथ फ्रेशनर है। पान खाने वालों के लार में एस्कॉर्बिक एसिड का स्तर भी सामान्य बना रहता है, जिससे मुंह संबंधी कई बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पान खाने से मुंह का कैंसर नहीं होता। ध्यान रखें उसमें तंबाकू नहीं होना चाहिए। मसूड़े में गांठ या फिर सूजन होने पर पान खाने से आराम मिलता है। पान में दस ग्राम कपूर को लेकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया दूर हो जाता है।

पान में कामेच्छा बढ़ाने की ताकत होती है। यही वजह है कि नवविवाहित जोड़ों को पान खिलाया जाता है। जिन लोगों में कामेच्छा कम होती है या मैरिड लाइफ में इसी वजह से तनाव रहता है, उन्हें पान चबाना चाहिए। अंतरंग पलों में मिठास के लिए पान खाएं।

पान का पत्ता एंटी डायबिटिक होता है। शुगर लेवल को ठीक रखने में मददगार होता है। पान खांसी ठीक करता है। फेफड़ों से बलगम भी निकाल देता है। ऐसा होने पर पान के पत्ते का रस शहद में मिलाकर चाटने से आराम मिलता है।

सिरदर्द हो रहा हो, तो पान चबाएं। ये पेनकिलर भी होता है। इसमें दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। माथे पर पान के पत्तों का लेप लगाने से सिरदर्द दूर हो जाता है।

एक स्‍टडी में पाया गया कि पान के पत्ते शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं तथा पेट में एसिडिटी होने से रोकते हैं। किडनी खराब होने पर पान खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। स्मोकिंग की लत भी छूट जाएगी।