यहां लोमड़ी के साथ खेला जा रहा है जलीकट्टू

नई दिल्ली ( 19 जनवरी ): सांडों की लड़ाई के खेल जलीकट्टू से प्रतिबंध हटाने की मांग समूचे तमिलनाडु में फैल गई है। चेन्नई के मरीना बीच पर बुधवार से ही प्रदर्शन हो रहे हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें हैं। सड़कों पर बढ़ते रोष को देखते हुए मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने फौरन एक अध्यादेश लाने की मांग करते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

लेकिन इस बीच तमिलनाडु में जलीकट्टू पर तमिलनाडु में सलेम के पास गांव चिन्नामनईएकन्नपलायम में वन विभाग के अधिकारियों ने गांव वालों को इजाजत दे दी कि वे लोमड़ी के साथ जलीकट्टू जैसे खेल का आयोजन कर सकते हैं।

हालांकि लोमड़ी, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आती हैं, यह आयोजन वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में हुआ। अधिकारियों ने लोमड़ी का मुंह बांध दिया था ताकि वह इस खेल में हिस्सा ले रहे किसी प्रतिभागी को काट ना ले। सलेम जिले के अलग-अलग इलाको में हर साल कानुम पोंगल के मौके पर फॉक्स जलीकट्टू नाम के इस खेल का आयोजन होता है।

बुधवार को गांव वाले लोमड़ी को एक मंदिर के सामने लेकर आए और उसकी पूजा की गई। लोमड़ी को फूलों की माला पहनाई गई। इसके बाद लोमड़ी के पिछले पैर को एक पतली रस्सी से बांध दिया गया था जबकि इस खेल में भाग लेने वाले गांव वाले लोमड़ी को पकड़ने की कोशिश में उसका पीछा कर रहे थे। खेल खत्म होने के बाद लोमड़ी को जंगल में छोड़ दिया गया।