अब यूं मुफ्त में 'एयरपोर्ट' जैसे बनेंगे भारतीय रेलवे स्टेशन

नई दिल्ली ( 6 अगस्त ): देश के ज्यादातर स्टेशनों का हाल एक जैसा है पार्किंग की सुविधा नहीं है, पैसेंजरों की आवाजाही लगी रहती है। लेकिन बैठने के लिए कोई खास सुविधा नहीं रहती। लोगों की भीड़ जमीन पर बैठ कर ट्रेनों का इंतजार करती है। कुछ ऐसा ही हाल है भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का है।

हबीबगंज स्टेशन का पूरा हुलिया जल्द ही बदलने वाला है। नई व्यव्स्था के तहत रेल यात्रियों के लिए 3,024 स्कवैयर मीटर का एक बड़ा सा हॉल बनने वाला है। इसके साथ ही  स्टेशन पर छह लिफ्ट, 11 एस्केलटर, तीन ट्रैवलेटर, दो सबवे, एक पार्सल कॉरिडोर, एक वॉकवे और 14,037 स्क्वैयर मीटर का एक पार्किंग एरिया जिसमें 284 कारें और 829 दोपहिया वाहन के अलावा 5 बसें भी एक साथ खड़ी की जा सकें, का निर्माण होना है। कुल मिलाकर 6,778 स्कवैयर मीटर जमीन पर काम करने का ब्लूप्रिंट तैयार है।

रेलवे को हबीबगंज का हुलिया बदलने में सरकार को एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसे करने के लिए 100 करोड़ रुपया भोपाल की कंपनी बंसल समूह देगा। ये कंपनी भोपाल के सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, खनन, लोहा और स्टील आदि के क्षेत्रों में काम करती है। बंसल ग्रुप को रेलवे 17,245 स्कवैयर मीटर जमीन 45 साल के लिए लीज पर मिलेगा और यहां एक व्यापार केंद्र, एक अस्पताल, एक सम्मेलन कक्ष, एक सस्ता होटल और आलीशान होटल का निर्माण होगा।   गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने अपने 400 स्टेशनों के आसपास 1,092 हेक्टेयर जमान के आधुनिकीकरण की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर डाला है।

-ज्यादातर स्टेशन स्विस चैलेंज मॉडल में बदलाव के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत रीडिवेलप किया जा रहा है। 

-IL&FS, GMR, Tata Realty & Infrastructure, Brigade Group, Mantri Developers, Raheja, Shapoorji Pallonji, Reliance Infra, Lanco Infratech, Essel Group जैसी कंपनियां रेलवे के इस कार्यक्रम में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

-मलयेशिया, यूनाइडेट किंगडम (यूके), साउथ कोरिया, फ्रांस जैसे देशों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मलयेशिया में रेलवे ने रोडशोज भी किए हैं।

-रेलवे के लिए पूरी रणनीति बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप बना रहा है। ईवाई भी इस काम से जुड़ा है।