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नीरव मोदी ने अपनी बहन पूर्वी के अकाउंट में ऐसे ट्रांसफर किए थे पैसे

भगोड़ा नीरव मोदी ने दुबई की शेल कंपनियों के जरिए पैसे की हेराफेरी का बड़ा खेल खेला। उसने इन्हीं फर्जी कंपनियों के जरिए बहन पूर्वी मेहता के खाते में अरबों रुपये ट्रांसफर किए। पूर्वी की कंपनी फाइन क्लासिक FZE और नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार होल्डिंग के बीच मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा खेल हुआ जिसे आप इन तीन मामलों के जरिए समझ सकते हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 जून): भगोड़ा नीरव मोदी ने दुबई की शेल कंपनियों के जरिए पैसे की हेराफेरी का बड़ा खेल खेला। उसने इन्हीं फर्जी कंपनियों के जरिए बहन पूर्वी मेहता के खाते में अरबों रुपये ट्रांसफर किए। पूर्वी की कंपनी फाइन क्लासिक FZE और नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार होल्डिंग के बीच मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा खेल हुआ जिसे आप इन तीन मामलों के जरिए समझ सकते हैं।

केस नंबर 1: ₹442 करोड़ दुबई में पूर्वी मेहता की कंपनी फाइन क्लासिक FZE के खाते में दुबई स्थित ही एक फर्जी कंपनी के जरिए भेजे गए।फाइन क्लासिक FZE से नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार होल्डिंग (हॉन्ग कॉन्ग) के अकाउंट में यह पैसा ट्रांसफर करके शेयर खरीदे गए।फाइन क्लासिक FZE ने ये शेयर पूर्वी के नाम ट्रांसफर कर दिए।पूर्वी ने ये शेयर बेचे और उसके पर्सनल अकाउंट में 6.50 करोड़ डॉलर (करीब 442 करोड़ रुपये) आ गए।केस नंबर 2:₹238 करोड़ दुबई की शेल कंपनी ने फायरस्टार होल्डिंग के अकाउंट में 3.5 करोड़ डॉलर (करीब 238 करोड़ रुपये) डाले।फायरस्टार होल्डिंग ने दिखाया कि उसने पूर्वी की कंपनी फाइन क्लासिक FZE से 2 करोड़ डॉलर (करीब 136 करोड़ रुपये) लोन लिए।नीरव मोदी की दो अन्य कंपनियों सिनर्जी कॉर्पोरेशन यूएसए और जैफल यूएसए ने दिखाया कि उन्होंने पूर्वी से 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 1 अरब रुपये) लोन लिए।नीरव ने दिखाया कि पूर्वी ने फायरस्टार होल्डिंग की सहायक कंपनियों को 3.5 करोड़ डॉलर (करीब 238 करोड़ रुपये) कर्ज दिया।फायरस्टार होल्डिंग ने कर्ज की रकम लौटाने के नाम पर पूर्वी को 3.5 करोड़ डॉलर दे दिए।केस नंबर 3: ₹204 करोड़ दुबई की शेल कंपनियों के जरिए पूर्वी के पति मयंक मेहता के अकाउंट में ट्रांसफर हुए।मेहता ने 3 करोड़ डॉलर (करीब 204 करोड़ रुपये) पूर्वी को गिफ्ट किया।पूर्वी ने 2 करोड़ डॉलर (करीब 136 करोड़ रुपये) भारत के बैंक में एफडी कर दिए।इसी एफडी की बदौलत उसने यूके में लोन ले लिया। उसने अकाउंट बंद होने से तीन साल पहले तक इस पैसे का इस्तेमाल किया।उसने इसी पैसे से यूके से लिया कर्ज चुकता किया।सिंगापुर में स्थाई निवास की अनुमति चाहता था नीरव मोदीहीरा व्यापारी नीरव मोदी ने भारत छोड़ने का फैसला करने के बाद सिंगापुर में स्थाई निवास के लिए सिंगापुर पर्मांनेंट रेजिडेंट (एसपीआर) का दर्जा पाना चाहता था। उसने सिंगापुर अथॉरिटी को इसका आवेदन भी दिया। हालांकि, उसे एसपीआर स्टेटस नहीं मिल सका क्योंकि सीबीआई ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) फ्रॉड केस में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। खबर यह भी है कि उसने सिंगापुर का पासपोर्ट भी बनवाने की फिराक में था।

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