FICCI: FRDI मुद्दे पर बोले पीएम मोदी, कहा- न फैलाएं भ्रम

नई दिल्ली (14 दिसंबर): फिक्की की सालाना आम बैठक में देश के प्रधानमंत्री को बुलाना एक आम परंपरा रही है। लेकिन बुधवार को जिस अंदाज में पीएम नरेंद्र मोदी ने फिक्की के 90वें सालाना बैठक को संबोधित किया वैसा शायद ही पहले देखा गया हो।

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से एक दिन पहले  रैलियां कर दिल्ली लौटे पीएम मोदी ने इस अवसर पर पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में कर्ज बांटने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार और इसको लेकर फिक्की की चुप्पी पर जम कर निशाना साधा। यूपीए सरकार के कार्यकाल में मनमाने तरीके से बांटे गये कर्ज को उन्होंने 2जी, कोयला ब्लाक आवंटन जैसा घोटाला करार दिया।

पीएम मोदी ने सबसे पहले फंसे कर्जे (एनपीए) की समस्या को उठाते हुए कहा कि पूर्व की सरकार की तरफ से कुछ गिने चुने उद्योगपतियों को कर्ज देने के लिए बैंकों पर दबाव बनाया गया। इसकी वजह से पूर्व की सरकारों के 'अर्थशास्त्रियों' ने एक बड़ा बोझ एनपीए के तौर पर इस सरकार पर डाल दिया है।

इसी क्रम में पीएम ने फिक्की को लपेटे मे लेते हुए पूछा कि जब आम जनता की कमाई की लूट चल रही थी तो क्या उन्होंने क्या किया? क्या उसने कोई इस पर स्टडी की थी या किसी सर्वे में इस पर कोई चिंता जताई थी?

इसी तरह पीएम ने बाद में कहा कि फिक्की के एक चौथाई सदस्य रियल एस्टेट से आते हैं लेकिन जब इनकी कंपनियां जनता के साथ मनमर्जी कर रही थी तो संस्थान क्या कर रहा था? उन्होंने कहा कि फिक्की का यह दायित्व है कि वह आम जनता को इसके बारे में बताये, जागरुकता फैलाये।

FRDI विधेयक पर फैलाए जा रहे भ्रम पर दिखाए कड़े तेवर-

पीएम ने सरकार की तरफ से प्रस्तावित एफआरडीआइ विधेयक के मुद्दे पर फैलाये जा रहे भ्रम को लेकर भी अपने गुस्से का इजहार किया। मोदी ने कहा कि इस विधेयक के जरिए सरकार बैंक ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और बेहतर तरीके से करने की कोशिश कर रही है लेकिन उसके उल्ट सूचना फैलाई जा रही है। जब बैंक व इसके ग्राहक सुरक्षित रहेंगे तभी देश के हित भी सुरक्षित रहेंगे।

बैठक में मोदी ने अपनी सरकार की गरीबों के हितों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। जन धन योजना, मुद्रा योजना, उज्जवला जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने इन्हें अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर गिनाया।