सेना में खत्म होगा लाइफ सेविंग जैकेट का टोटा

नई दिल्ली (19 जनवरी): सेना के जवानों के लिए आधुनिक हेल्मेट और बुलेटप्रूफ जैकेट का टोटा खत्म होने जा रहा है। अगस्त से नए हेल्मेट्स की डिलिवरी शुरू हो जाएगी। सेना के बजट से डेढ़ लाख बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने का प्लान भी आगे बढ़ने जा रहा है। इन जैकेट का फरवरी में ट्रायल शुरू होने जा रहा है। हाल ही में आर्मी डिजाइन ब्यूरो की रिपोर्ट आई थी, जिसमें सेना की उन 50 समस्याओं की पहचान की गई थी, जिन्हें तुरंत सुलझाए जाने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया था कि मौजूदा बुलेटप्रूफ जैकेट भारी हैं, पहनने में आरामदायक नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।

 आर्मी चीफ बिपिन रावत ने हाल ही में बताया था कि बेहतर हेल्मेट और बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदे जाने की दिशा में कदम आगे बढ़ चुके हैं।  कानपुर की कंपनी एमकेयू इंडस्ट्रीज को 1.58 लाख हेल्मेट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट करीब 175 करोड़ रुपये में हाल में दिया गया है। बताया गया है कि यह कंपनी पूरी दुनिया में हेल्मेट और बुलेटप्रूफ जैकेट की सप्लाई करती है। पिछले दो दशक में इसे हेल्मेट का बड़ा ऑर्डर बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि नए बलिस्टिक हेल्मेट ग्लोबल मानकों के मुताबिक होंगे। फिलहाल सेना जिस हेल्मेट का इस्तेमाल करती है, उसे 'पटका' कहा जाता है। हालांकि यह बुलेटप्रूफ है, लेकिन इनसे सिर्फ सिर के अगले और पिछले हिस्से की रक्षा हो पाती है। साइड का हिस्सा असुरक्षित होता है। इनका वजन दो किलो से ज्यादा होता है। नए हेल्मेट हल्के होंगे और बेहद कम दूरी से किया गया हमला भी नाकाम कर सकेंगे।