वाराणसी: गंगा बढ़ने से बाढ़ के हालात, गलियों में जल रहींं चिताएं, छतों पर गंगा आरती

नई दिल्ली (19 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गुरुवार रात तक गंगा का जल स्तर करीब 71.48 मीटर पहुंच गया। आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। हालात ये है कि मणिकर्णिका समेत करीब सभी घाट डूब गए हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ की वजह से मृत लोगों की चिताओं को घाटों पर ना जलाकर गलियों में जलाना पड़ रहा है। इसके अलावा गंगा आरती घरों की छतों पर हो रही है। वहीं, गलियों में लोगों के लिए बोट चलाई जा रही है। बाढ़ से अभी तक करीब 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। 

- गुरुवार सुबह से गंगा के वाटर लेवल में एक घंटे में तीन से चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालात यह हैं कि कुछ गलियों, मुहल्लों और कॉलोनियों में पानी भर गया। - रात 10 बजे तक गंगा का वाटर लेवल करीब 71.26 मीटर पहुंच गया था। शाम पांच बजे 71.11 मीटर था, जो रात 12 बजे तक 71.48 मीटर हो गया। - बता दें कि गंगा में अब तक सबसे ज्यादा वाटर लेवल का रिकॉर्ड 1978 में 73.90 मीटर रहा है। - वाराणसी से सटे दो दर्जन गांव में बाढ़ से हालात खराब हैं। इन गांवों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है। - गंगा में वाटर लेवल बढ़ने पर वरुणा के आसपास के इलाकों पर भी असर पड़ा है। यहां करीब पांच हजार लोग प्रभावित हुए हैं। - मणिकर्णिका घाट के महाश्मशान और हरिश्चंद्र घाट डूब गए हैं। मृतकों का अंतिम संस्कार गलियों में किया जा रहा है। - हरिश्चंद्र घाट पर बने इलेक्ट्रिक क्रिमेशन को गुरुवार दोपहर 12 बजे एहतियातन बंद कर दिया गया। - कहा जाता है कि मणिकर्णिका घाट विश्व का इकलौता ऐसा श्मशान घाट है, जहां 24 घंटे अंतिम संस्कार होता है।