उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी

अधीर यादव, नई दिल्ली (2 जुलाई): उत्तराखंड में भारी बारिश, बादल फटने और लैंडस्लाइड से हुई तबाही के बाद सेना रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है। उत्तराखंड में हो रही तबाही को देखते हुए 4 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के सत्र को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन मुश्किल ये है कि उत्तराखंड में 36 घंटे की तबाही के बाद 48 घंटे तक बेहद तेज बारिश का अलर्ट जारी हुआ है।

उत्तराखंड में पिछले 36 घंटों से आफत की बारिश हो रही है। मंदाकिनी, अलकनंदा और भागीरथी समेत 10 नदियां खतरे के निशान के नजदीक बह रही हैं। पहाड़ों पर बादल फटने और पहाड़ दरकने से छह गांव जमींदोज हो गए और अब सेना के जवान एक एक जान को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

उत्तराखंड पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। अलकनंदा और मंदाकिनी की गर्जना से पहाड़ के लोग डरे हुए हैं। जगह जगह बादल फटने और पहाड़ टूटने से जो तबाही हुई है, उसने उत्तराखंड के लोगों को 2013 जैसे खौफ में ला दिया है। पिथौरागढ़ में सेना की असम रेजीमेंट के जवान एक एक जान बचाने के लिए जद्दोजेहद कर रहे हैं। बादल फटने से पिथौरागढ़ के डीडीहाट के बस्तड़ी नौलड़ा गांव में कई घर जमींदोज हो गए।

भागीरथी के तेज बहाव के सामने पहाड़ भी टिक नहीं पाया। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे रोड का 50 मीटर हिस्सा पानी में बह गया। NDRF की टीम और सेना के जवान मौसम से लड़ते हुए किसी तरह रास्ता बनाने और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश में जुटी है। ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सिर्फ ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ही तबाही हुई है। पहाड़ से घाटी तक और घाटी से मैदान तक कई शहरों में बाढ़-बारिश से हाहाकार मचा हुआ है।