इलाज पर खर्च कर एक साल में 5.5 करोड़ भारतीय हो गए गरीब

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 13 जून ): देश में 5.5 करोड़ लोग इलाज पर खर्च की वजह से गरीबी रेखा से नीचे पहुंच गए हैं, क्योंकि उन्हें इलाज पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ा। इसमें 3.8 करोड़ लोग सिर्फ दवाओं पर पैसा खर्च करने की वजह से गरीब हो गए। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।इस रिपोर्ट के मुताबिक गैर संचारी रोग जैसे कैंसर, दिल से संबंधित रोग और मधुमेह के शिकार रोगियों पर प्रभावित परिवारों ने सबसे ज्यादा खर्च किए। इनमें से भी खासतौर पर कैंसर रोगियों पर खर्च की वजह से ज्यादातर परिवार तबाह हो गए।रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं पर करीब हर एक परिवार 10 फीसद से ज्यादा खर्च कर रहा है। इन सबके बीच सड़क हादसों में घायल लोगों के इलाज पर खर्च भी प्रभावित परिवारों को गरीबी रेखा की तरफ ढकेलने का काम कर रही है।2014 में नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन ने 1993-94 से लेकर 2011-12 तक देश में किए गए व्यापक तौर पर सर्वे को एक साथ रखा था। शक्तिवेल सेल्वराज और हबीब हसन फारुकी ने इन सर्वे को विश्लेषण किया और यह तस्वीर सामने रखी है। इसके साथ ही 2011-12 तक सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी गई है जिसमें ये बताया गया है कि दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों पर नियंत्रण के लिए क्या कुछ कदम उठाए गए हैं।2013 में ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के जरिए सभी आवश्यक दवाओं को नेशनल लिस्ट ऑफ एशेंशियल मेडिसिन्स अंडर प्राइस कंट्रोल के दायरे में लाया गया है। सरकारी प्रयासों से बहुत सी दवाओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।लेकिन इसके साथ ही एक सच ये भी है कि तमाम तरह की सरकारी योजनाओं के बाद भी बहुत बड़ी आबादी पर अब भी सरकारी योजनाओं के फायदे से अछूती है। आम लोगों को सस्ती दर पर दवाओं को मुहैया कराने के संबंध में 3000 जन औषधि केंद्रों की स्थापना की गई। लेकिन ये पाया गया कि उन केंद्रों में दवाओं की कमी के साथ साथ और गुणवत्ता भी निम्नस्तर की है।