सोते वक्त अगर आप भी लेते हैं खर्राटे तो जाएं सावधान, हो सकता है ये खतरा...

नई दिल्ली (4 फरवरी): अगर आप भी सोते वक्त खर्राटे लेते हैं तो सावधान हो जाए। सोते समय स्लीप एप्निया की वजह से सांस लेने में आने वाली समस्या मौत के खतरे को बढ़ देती है। स्लीप एप्निया भविष्य में हृदयाघात और गर्दन की धमनियों के मोटे होने का कारण भी बन सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक स्लीप एप्निया एक सामान्य समस्या है, जिसकी वजह से सोते समय हम सांस लेने में रुक जाते हैं या बेहद कम सांस आती है।

खर्राटे पर हुए ताजा रिसर्च के मुताबिक स्लीप एप्निया से जुड़े खर्राटे से मौत का खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च के मुताबिक ऑब्स्ट्रिक्टिव स्लीप एप्निया से पीड़ित सभी लोगों को यह खतरा होता है।

सिडनी के वूलकॉक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक खर्राटे लेने वाले लोगों में मौत का खतरा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ जाता है। इस अध्ययन में छह गुना ज्यादा खतरा होने की बात सामने आई है, जिसका मतलब है कि 40 साल की उम्र में स्लीप एप्निया से मौत का खतरा उतना ही होता है, जितना 57 साल की उम्र के व्यक्ति को बिना इस रोग के होता है।

डॉक्टरों के मुताबिक जिन लोगों को स्लीप एप्निया है या होने का शक है, उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर से जांच और इलाज के लिए संपर्क करना चाहिए।