ज्ञानवापी मामला: कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा जानकारी लीक करने पर हटाए गए, रिपोर्ट दाखिल करने को दिया गया दो दिनों का समय

कोर्ट ने सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने को मांगी गई दो दिन की मोहलत पर फैसला सुरक्षित रखा है। कोर्ट ने मंगलवार को एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा और दो अन्य आयुक्तों, जिन्हें गुरुवार को सुनवाई के दौरान नियुक्त किया था, से सर्वे रिपोर्ट मांगी थी।

ज्ञानवापी मामला: कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा जानकारी लीक करने पर हटाए गए, रिपोर्ट दाखिल करने को दिया गया दो दिनों का समय
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वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई वाराणसी कोर्ट में खत्म हो गई है। कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कोर्ट कमिश्रर अजय मिश्रा को हटा दिया है। दावा किया गया कि अजय मिश्रा के सहयोगी आरपी सिंह मीडिया में जानकारी लीक कर रहे थे। वहीं, मुस्लिम पक्ष द्वारा भी मिश्रा को हटाए जाने की मांग की गई थी। अदालत ने अब विशाल सिंह को निगरानी करने को कहा है। अब उनकी देखरेख में रिपोर्ट तैयार किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इतना ही नहीं रिपोर्ट पेश करने को दो दिन का समय भी दे दिया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने वाले वाराणसी अदालत द्वारा नियुक्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए दो अतिरिक्त दिनों की मांग करते हुए अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने मंगलवार को एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा और दो अन्य आयुक्तों (जिन्हें गुरुवार को सुनवाई के दौरान नियुक्त किया था) से सर्वे रिपोर्ट मांगी थी।


सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 2 दिन और मांगे थे, जब्कि मुस्लिम पक्ष ने सीलिंग आदेश का विरोध किया है। 


सहायक अधिवक्ता आयुक्त बोले- रिपोर्ट लगभग 50% तैयार

सहायक अधिवक्ता आयुक्त, अजय प्रताप सिंह ने कहा, 'लगभग 50 प्रतिशत रिपोर्ट तैयार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें (रिपोर्ट संकलित करने के लिए) समय नहीं मिला।' सिंह ने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान भूमिगत कमरों का सर्वेक्षण किया गया और जिन कमरों की चाबियां उपलब्ध नहीं थीं, उनके ताले तोड़े गए। उन्होंने कहा, 'खुले और बंद खानों' (भूमिगत कमरे) का सर्वेक्षण किया गया था, और 'तयखानों' के ताले, जिनकी चाबियां नहीं मिली थीं, जिला प्रशासन द्वारा तोड़ दिए गए थे। उनकी वीडियोग्राफी और फोटो खींची गई थी।


मस्जिद परिसर में 'वजूखाना' के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन, निश्चित रूप से कुछ ऐसा था जिसके कारण हिंदू पक्ष ने इस पर दावा किया और अदालत ने इसका संज्ञान लेते हुए अपने आदेश दिए।' बता दें कि शिवलिंग की बात सामने आते ही कोर्ट ने उस इलाके को सील करने के आदेश दे दिए थे।


और हो सर्वे

हिंदू याचिकाकर्ता रेखा पाठक, मंजू व्यास और सीता साहू ने अदालत से ज्ञानवापी मस्जिद के और सर्वेक्षण का आदेश देने का आग्रह किया। याचिकाकर्ताओं ने 'शिवलिंग' के उत्तर की ओर की दीवार और 'नंदी' के सामने बेसमेंट के सर्वेक्षण की मांग की। हिंदू पक्ष ने आज सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर से ज्ञानवापी मस्जिद के नए सर्वेक्षण का आदेश देने की अपील की। ताजा मांग तब उठाई गई जब वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण के दौरान मस्जिद के अंदर मौजूद वकीलों ने अंदर एक शिवलिंग होने की बात कही। 


मुस्लिम पक्ष का सवाल

अदालत के समक्ष पेश हुए, मुस्लिम पक्ष ने सवाल किया कि याचिकाकर्ता ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण के निष्कर्षों को सार्वजनिक रूप से कैसे प्रकट कर सकते हैं। 

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