'Aryan Khan केस में समीर वानखेड़े ने की गलती', क्लीन चीट मिलने पर बोले- माफ करो...

समीर वानखेड़े आर्यन खान ड्रग्स मामले की जांच कर रहे थे। समीर वानखेड़े की जांच के तरीके को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। अब खुद NCB के डीजी एस एन प्रधान ने माना कि अगर गलतियां नहीं होती तो मामले को SIT क्यों ओवर टेक करती।

Aryan Khan केस में समीर वानखेड़े ने की गलती, क्लीन चीट मिलने पर बोले- माफ करो...
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नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग-ऑन-क्रूज मामले में बरी कर दिया गया है। 6 हजार पेज के चार्जशीट में आर्यन खान का नाम नहीं है। इस मामले में आर्यन को 2 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 26 दिन बाद जमानत मिली थी। आर्यन खान को क्लीनचिट मिलने को लेकर एनसीबी के डीजी एस एन प्रधान ने माना है कि इस मामले में समीर वानखेड़े और उनकी टीम से गलती हुई है।  


समीर वानखेड़े आर्यन खान ड्रग्स मामले की जांच कर रहे थे। समीर वानखेड़े की जांच के तरीके को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। अब खुद डीजी एस एन प्रधान ने माना कि अगर गलतियां नहीं होती तो मामले को SIT क्यों ओवर टेक करती। कुछ तो कमियां रह गईं तभी तो एसआईटी ने केस लिया। वहीं, वकील उज्जवल निकम ने भी कहा कि इस मामले में एनसीबी की पहली टीम से चूक हुई है। खास बात है कि मामले में कार्रवाई करने वाले एजेंसी के पूर्व प्रमुख समीर वानखेड़े के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं है। वानखेड़े ने ही बीते साल क्रूज पर छापामार कार्रवाई की अगुवाई की थी।


रिपोर्ट के अनुसार, आर्यन खान के क्लीन चिट मिलने के बाद समीर वानखेड़े सवालों से बचते हुए नजर आए। उनसे जब इस बारे में सवाल किए गए तो उन्होंने कहा, 'माफ करें, मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है। मैं एनसीबी में नहीं हूं, जाकर एनसीबी के अधिकारियों से बात करें।' खास बात है कि मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र में जमकर विवाद खड़ा हो गया था।


आर्यन खान को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार होने के बाद तीन सप्ताह से अधिक समय जेल में बिताया गया था, जो समाचारों की सुर्खियों और सोशल मीडिया पर छाई रही थी। नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ने शुरू में दावा किया था कि आर्यन खान ड्रग्स का नियमित उपयोगकर्ता और आपूर्तिकर्ता था। उनके और उनके वकीलों ने आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया, जिन्होंने तर्क दिया कि छापे के दौरान उनके पास कोई ड्रग्स नहीं मिला। मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने एनसीबी की दलीलों पर भी सवाल उठाए, जिसने कहा कि वह इस तरह के गंभीर आरोप लगाने के लिए सिर्फ व्हाट्सएप संदेशों पर भरोसा नहीं कर सकता।


जांच के प्रभारी अधिकारी समीर वानखेड़े को हटा दिया गया और आर्यन खान को जानबूझकर निशाना बनाने और यहां तक कि आरोपी को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने के आरोपों का सामना करना पड़ा। जांच में अनियमितताएं और खामियां सामने आने के बाद मामले को एनसीबी की मुंबई स्थित टीम से दिल्ली की टीम में ट्रांसफर कर दिया गया।



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