बेअसर रहा उद्धव ठाकरे का इमोशनल कार्ड, एकनाथ खेमे में पहुंचे शिवसेना के और 6 विधायक

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में उद्धव सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। सीएम ठाकरे के इमोशनल अपील के बावजूद शिवसेना विधायकों के पाला बदलने का सिलसिला अब भी जारी ही है। आज सुबह तीन और विधायक गुवाहाटी पहुंच गए हैं।

बेअसर रहा उद्धव ठाकरे का इमोशनल कार्ड, एकनाथ खेमे में पहुंचे शिवसेना के और 6 विधायक
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Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में उद्धव सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। सीएम ठाकरे के इमोशनल अपील के बावजूद शिवसेना विधायकों के पाला बदलने का सिलसिला अब भी जारी ही है। आज सुबह तीन और विधायक गुवाहाटी पहुंच गए हैं। इससे पहले बुधवार को चार और विधायक गुवाहाटी में शिंदे गुट से जा मिले थे। 


अब तक एकनाथ शिंदे के खेमे में कुल 48 विधायकों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक गुवाहाटी के रेडिशन ब्लू होटल में अब शिवसेना के 41 और 4 निर्दलीय विधायक है। वहीं उद्धव खेमे का कहना है कि शिवसेना के पास 20 है। शिवसेना के मुताबिक अब तक शिंदे गुट के पास सेना के 33 विधायक ही पहुंचे है और उनका दल बदल कानून का कोरम पूरा नहीं हुआ है।




इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एकनाथ शिंदे अपने साथ मौजूद शिवसैनिकों के समर्थन का पत्र आज शाम तक राज्यपाल को भेज सकते हैं और उद्धव सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकते हैं।




वहीं शिवसेना विधायकों की बगावत को लेकर बीजेपी काफी सतर्कता बरत रही है। पार्टी सीधे तौर पर अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक उसने राज्य में अपनी सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी नेता शिवसेना के साथ उसके दोनों सहयोगी दलों कांग्रेस और एनसीपी के रुख पर भी नजर रखे हुए हैं। 


इससे पहले बुधवार को शिंदे गुट ने 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेजा है। चिट्ठी में कहा गया है कि एकनाथ शिंदे ही शिवसेना विधायक दल के नेता हैं। भरत गोगावले को नया चीफ व्हिप चुन लिया गया है। गौरतलब है कि शिवसेना ने मंगलवार को शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया था।


आपको बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील के बाद शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बयान जारी कर कहा कि शिवसेना को बचाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी का साथ छोड़ना जरूरी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, पिछले ढाई साल में महा विकास आघाडी में फायदा दूसरे दलों को हुआ है और शिवसेना को केवल नुकसान हुआ है। दूसरे दल जहां मजबूत होते गए तो वहीं शिवसेना की ताकत कम होती चली गई। पार्टी और शिवसैनिकों को टिकाए रखने के लिए अनैसर्गिक गठबंधन से बाहर निकलना बेहद जरूरी है।


वहीं बुधवार शाम सीएम उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री आवास छोड़कर मातोश्री (अपने घर) पहुंच गए। इतना ही नहीं उन्होंने फेसबुक पर लाइव आकर कहा कि बागी सामने आकर उनसे बात करें। उन्होंने कहा कि वो इस्तीफा देने के लिए भी  तैयार हैं। 



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