अगले साल तक सुलझ सकता है असम-अरुणाचल सीमा विवाद: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद अगले साल तक सुलझने की संभावना है। उन्होंने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारें इस विवाद के एक स्थायी और उचित समाधान के लिए काम कर रही हैं।

अगले साल तक सुलझ सकता है असम-अरुणाचल सीमा विवाद: अमित शाह
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नई दिल्ली:  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद अगले साल तक सुलझने की सकता है। उन्होंने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारें इस विवाद के एक स्थायी और उचित समाधान के लिए काम कर रही हैं। शाह ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर को उग्रवाद मुक्त बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले आठ वर्षों के दौरान क्षेत्र के 9,000 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।


गृह मंत्री अरुणाचल प्रदेश में रामकृष्ण मिशन के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और विकास लाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बोडोलैंड की समस्या का समाधान हो गया है। अरुणाचल प्रदेश  और असम के बीच सीमा संबंधी 60 फीसद मुद्दों को भी सुलझा लिया गया है। केंद्र सरकार क्षेत्र में शांति और विकास लाने के लिए प्रतिबद्ध है। अरुणाचल प्रदेश ( और असम की सरकारें अंतर-राज्यीय सीमा विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए लगातार काम कर रही हैं।


गृह मंत्री ने कहा कि अब उत्तर-पूर्व के युवाओं को बंदूकें और पेट्रोल बम लेकर चलने की जरूरत नहीं है। अब वह अपने हाथों में लैपटॉप लेकर चल रहे हैं और स्टार्टअप्स की शुरुआत कर रहे हैं। यह विकास का वह रास्ता है जिसकी कल्पना केंद्र सरकार की ओर से इस क्षेत्र के लिए की गई है।


उन्होंने कहा कि मणिपुर, जिसे पहले साल में 200 से अधिक दिनों के लिए बंद और नाकाबंदी के लिए जाना जाता था, वह अब राज्य में पिछले पांच वर्षों के भाजपा शासन के दौरान बिना किसी बंद के बदलाव की बयार देख रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के लिए त्रिस्तरीय एजेंडा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, सबसे पहले, हम क्षेत्र की स्वदेशी संस्कृतियों और भाषाओं को संरक्षण और बढ़ावा देंगे।

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