हरियाणा में जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक

नई दिल्ली (25 मई) हरियाणा में जाट आरक्षण पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है।

बता दें कि हरियाणा में जाट, जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और मुल्ला/मुस्लिम जाट को पिछड़ा वर्ग की नई कैटेगरी बीसी(सी) के तहत नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया था। हाईकोर्ट ने ये अंतरिम रोक भिवानी के निवासी मुरारी लाल गुप्ता की याचिका पर लगाई है। गुप्ता ने दलील दी थी कि हरियाणा सरकार ने संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन किया है।

गत 29 मार्च को हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह बिल पास कर सूबे की जाट सहित 6 जातियों को बीसी सी श्रेणी में आरक्षण दिया गया था। विधानसभा सत्र के बाद यह बिल राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर केसाथ ही यह प्रक्रिया भी पूरी हो गई थी। 13 मई को हरियाणा सरकार ने इस  हरियाणा पिछड़ा वर्ग ( नौकरी एवं शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण) अधिनियम 2016 को अधिसूचित कर दिया था।