तिब्बती मूल के आवेदक को पासपोर्ट भी देगी और जुर्माना भी भरेगी सरकार

नई दिल्ली (4 सितंबर): दिल्ली हाईकोर्ट ने 1965 में पश्चिम बंगाल में जन्मे तिब्बत मूल के आवेदक को पासपोर्ट देने से इनकार करने पर संघीय पर 25,000 का जुर्माना लगाया है। दरअसल, इस शख्स को नागरिकता लेने पर ही पासपोर्ट देने की बात कही गई थी। 2016 के हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक 1950-1987 के बीच भारत में जन्मे तिब्बतियों को नागरिक माना जाता है। सरकार ने खुद अपने नियमों की अनदेखी जिससे तिब्बती मूल के आवेदक को परेशान होना पड़ा।