छेड़छाड़ के आरोपियों को हाईकोर्ट का आदेश, '6 महीने तक हर रविवार सड़कों पर झाड़ू लगाओ'

नई दिल्ली (7 जनवरी): बॉम्बे हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ और हत्या करने की कोशिश करने के आरोपी चार युवकों को बेहद अलग तरह का आदेश दिया है। इन चारों युवकों से कहा गया कि वे अगले 6 महीने के लिए तब तक हफ्ते में एक बार सार्वजनिक सड़कों पर झाड़ू लगाएं, जब तक उनके खिलाफ मामला निपट नहीं जाता।

अंग्रेजी अखबार 'न्यू इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन चारों आरोपियों के नाम अंकित जादव, सुहास ठाकुर, मिलिंद मोरे और अमित अदखाले है। इन चारों ने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ हत्या की कोशिश और छेड़छाड़ के आरोप में दायर मुकदमे को अमान्य घोषित करने के लिए गुहार लगाई थी। यह मुकदमा पिछले साल अक्टूबर में ठाड़े पुलिस ने दायर किया था।

अर्जी करने वाले युवकों ने इस आधार पर मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी, कि शिकायतकर्ताओं के साथ मैत्रीपूर्ण समझौता कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, ठाड़े में दशहरे के मौके पर अक्टूबर में इन चारों ने कथित तौर पर शराब पीकर कुछ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा एक शख्स को प्रताड़ित भी किया, जिसने उनका विरोध किया था।

इन चारों के खिलाफ हत्या की कोशिश करने और छेड़छाड़ के लिए एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जस्टिस आरवी मोरे और वीएल अचीलिया की डिवीजन बेंच सुनवाई के दौरान गुरुवार को मुकदमे को खत्म करने के लिए तैयार हो गए। लेकिन उन्होंने इसके बदले में कुछ कम्यूनिटी सर्विस करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने इसके बाद इन चारों को ठाड़े में सार्वजनिक सड़कों को अगले 6 महीने के लिए हर रविवार को 8 घंटे झाड़ू लगाने का आदेश दिया। नौपादा पुलिस थाने के एक पुलिस अधिकारी कोर्ट के आदेश का पालन करवाने के लिए इन चारों पर निगरानी रखेंगे।