हाजी अली दरगाह में महिलाओं को मिली अनुमति

इंद्रजीत, मुंबई (26 अगस्त): एक ऐतिहासिक फैसले में बंबई उच्च न्यायालय ने हाजी अली दरगाह के मजार के हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध आज हटा लिया। अदालत ने कहा कि यह संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है और ट्रस्ट को सार्वजनिक इबादत स्थल में महिलाओं के प्रवेश को रोकने का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति वी एम कानाडे और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे ने कहा, हम कहते हैं कि दरगाह ट्रस्ट द्वारा हाजी अली दरगाह के मजार के हिस्से में महिलाओं के प्रवेश को रोकना संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है। महिलाओं को पुरषों की तरह ही मजार के हिस्से में प्रवेश की इजाजत होनी चाहिए।

अदालत ने हालांकि हाजी अली दरगाह ट्रस्ट की याचिका पर आदेश पर छह सप्ताह के लिए रोक लगा दी। ट्रस्ट उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देना चाहता है। पीठ ने दो महिलाओं जकिया सोमन और नूरजहां नियाज की जनहित याचिका को मंजूर कर लिया, जिसमें साल 2012 से दरगाह के मजार के हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। ये महिलाएं एनजीओ भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन से जुड़ी हैं। अदालत ने कहा, राज्य सरकार और हाजी अली दरगाह ट्रस्ट उस पूजन स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएगा