अब दुबई से सीधे मुंबई नहीं पहुंचती हवाला की रकम, अंडरवर्ल्ड को बदलना पड़ा रास्ता

नई दिल्ली(13 दिसंबर): हवाला से रकम मंगवाना और भेजना अंडरवर्ल्ड का सालों पुराना कारोबार है, पर पिछले कुछ महीनों में जिस तरह कई आरोपी पकड़े गए हैं, उसके बाद अंडरवर्ल्ड ने रकम विदेश भिजवाने का रास्ता बदल दिया है।

- क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, मसलन यदि किसी को रकम मुंबई से दुबई भेजनी है, तो इसके लिए अब सीधे वहां फोन की घंटी नहीं बजती। कुछ दिनों पहले सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत, संजीव धुमाल, सचिन कदम और अरविंद पवार की टीम ने रवि पुजारी गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कमालुद्दीन और इसरानी नामक आरोपी भी थे। इन दोनों ने क्राइम ब्रांच अधिकारियों को जो कहानी सुनाई, उसका सार यह था कि कमालुद्दीन रवि पुजारी के हफ्ते की रकम इकट्ठा करता था और इसरानी को जाकर देता था। फिर अलग- अलग देशों के नेटवर्क से दुबई में किसी राजू भाई को संपर्क किया जाता था। फिर रवि पुजारी का आदमी वहां आकर राजू भाई से रकम लेता था।

- जांच अधिकारियों को शक है कि यह कहानी का पूरा सच नहीं है, इसलिए इसरानी के मोबाइल डेटा की पूरी पड़ताल की जा रही है। क्राइम ब्रांच का मानना है कि रवि पुजारी दुबई में है ही नहीं। वह खुद के ऑस्ट्रेलिया में होने का दावा करता रहता है। यदि उसके दावे में सच्चाई है, तो सवाल यह है कि वहां उस तक रकम कैसे पहुंचती होगी/ माना जा रहा है कि इसके लिए भी हवाला का ही सहारा लिया जाता होगा। क्राइम ब्रांच का मानना है कि राजू उर्फ नाम है, इसलिए दुबई वाले इस हवाला कारोबारी का मूल नाम पता करने की कोशिश की जा रही है। इस बात की भी जानकारी निकाली जा रही है कि इस राजू से रकम लेने वाले रवि पुजारी के आदमी का असली नाम क्या है।

- इसरानी के साथ जिस कमालुद्दीन को पकड़ा गया है, उसे कई साल पहले भी आर्म्स से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था। कमालुद्दीन ने पूछताछ में बताया कि उसका पिता पहले छोटा राजन गिरोह में था। पिता की अब मौत हो गई है। रवि पुजारी उन दिनों राजन के लिए ही काम करता था। बाद में दोनों अलग-अलग हो गए। कमालुद्दीन ने राजन के बजाय रवि पुजारी के साथ काम करने का फैसला किया।

- रवि पुजारी हर महीने कमालुद्दीन को करीब 50 हजार रुपये तक दे देता था। उससे पूछताछ में ही यह भी पता चला कि उसके जैसे कई और लोग भी रवि पुजारी की हफ्ते की रकम इकट्ठा करते हैं और अलग-अलग हवाला कारोबारियों के जरिए इस डॉन तक पहुंचाते हैं। पर रवि पुजारी अपने हर पंटर से दूसरे पंटर और दूसरे हवाला कारोबारी की शिनाख्त छिपा कर रखता है, ताकि यदि कभी कोई एक आरोपी पकड़ा जाए, तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश न हो पाए।      - अधिकारी के अनुसार, मुंबई का बंदा दक्षिण अफ्रीका में किसी आदमी को इस बारे में संपर्क करेगा। दक्षिण अफ्रीका वाला व्यक्ति फिर ईरान या लंदन में अपने नेटवर्क से जुड़े आदमी को कॉल करेगा और फिर वहां से दुबई में हवाला कारोबारी को फोन लगाया जाएगा।