US में थम नहीं रहे #Indians पर हमले! जानिए कब-कब भारतीय हुए हिंसा का शिकार

नई दिल्ली (24 मार्च): अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों पर हो रहे हमलों के बीच एक भारतीय महिला और उसके 7 साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर आई है। दोनों के शव न्यू जर्सी में उनके घर में मिले हैं। मृतक महिला आंध्र  प्रदेश के प्रकाशम जिले की रहने वाली थी। स्थानिय पुलिस के मुताबिक दोनों की हत्या गला घोंटकर की गई है। मृतक महिला की पहचान 40 वर्षीय शशिकला के रुप में हुई है जबकि उसके बेटे का नाम अनीश है। हालांकि फिलहाल इसकी पुष्ट नहीं है कि यह भी नस्ली हमला है या नही। जानकारी के मुताबिक शशिकला के पति एन हनुमंता राव जब दफ्तर से घर लौटे, तो उन्हें घर में पत्नी व बेटे की लाश पड़ी मिली। हनुमंता राव पेशे से सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स हैं और पिछले 9 सालों से अमेरिका में रह रहे हैं। शशिकला भी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स हैं वे घर से ही अपना काम कर रहीं थी। घटना की सूचना मिलने के बाद आंध्र पद्रेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ट्वीव कर कहा कि 'शशिकला और उनके बेटे की हत्या पर दुखी हूं, और इस घटना की निंदा करता हूं'। शुक्रवार को यह मामला संसद के दोनों सदनों में भी उठा। सांसदों के मांग थी कि प्रधानमंत्री को ये मामला अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने उठाना चाहिए। गौरतलब है कि हाल के दिनों में भारतीय इंजीनियरों पर हमले की यह तीसरी घटना है।  


लगातार हो रहे हैं हमले-

3 मार्च- सिएटल में एक नकाबपोश हमलावर ने भारतीय मूल के एक सिख को उनके घर के सामने गोली मार दी। इस घटना में वह घायल हो गया। गोली मारते वक्त नकाबपोश इंसान ने चीखते हुए कहा, 'वापस अपने देश जाओ'।


2 मार्च- दक्षिण कैरोलिना के लैंकेस्टर में एक नस्लीय हमले में कारोबारी हरनीश पटेल की हत्या कर दी गई। लैंकास्टर काउंटर में एक किराना स्टोर के मालिक हरनीश पटेल को उनके घर के सामने ही गोलियों से भून दिया गया था।


22 फरवरी- तेलंगाना के एयरोनॉटिकल इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला की गोली मारकर हत्या कर दी थी, उनके साथ आलोक मदासानी हमले में बाल-बाल बच गए थे। श्रीनिवास को भी  गोली मारते समय हमलावर ने कहा था, ‘मेरे देश से बाहर निकलो’।


10 फरवरी- तेलंगाना की ही वामशी रेड्डी मामिडाला की भी कैलिफोर्निया के मिलपिटास में गोली मार कर हत्या की गई थी। सैन फांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास से मिली रिपोर्ट के मुताबिक नशेडी व्यक्ति ने वंशी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में दिया बयान- मोदी सरकार ने अमेरिकी सरकार के सामने साफ कर दिया है कि अमेरिका में हाल के दिनों में भारतीयों पर हुए हमले 'हेट क्राइम' हैं न कि कानून-व्यवस्था के सामान्य मामले। इतना ही नहीं, सरकार ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी के लिए राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। 20 मार्च को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में इस पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि ट्रंप प्रशासन इन घटनाओं को ट्रेंड का हिस्सा नहीं बनने देगा और इन पर करीबी नजर रखेगा। उन्होंने कहा, हम इन वारदातों को कानून-व्यवस्था का मसला नहीं मानते। यह इतना सामान्य नहीं है। हमारी तरफ से यही कहा जा रहा है कि ये घटनाएं 100 प्रतिशत हेट क्राइम हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जांच इसी नजरिए से की जानी चाहिेए।


क्यों हो रहे हैं भारतीयों पर हमले- भारतीय मूल के लोग अमेरिका में सबसे शिक्षित प्रवासी समुदाय है। प्यू एजेंसी के सर्वे में आयी आंकड़े के मुताबिक आम भारतीयों के पास अमेरिकी लोगों की तुलना में ढाई गुना ज्यादा कॉलेज की डिग्रीयां है। अमेरिकी सरकार प्रवासी लोगों के लिए एच-वन वीसा जारी करती है। यह वीजा अमेरिका में अस्थायी नौकरी तलाश करने वाले लोगों को दी जाती है। 2011 में यूएस ने 72,438 भारतीयों को यह वीजा प्रदान की थी, कुल एच -वन वीजा में 56 प्रतिशत भारतीय मूल के लोगों को जारी की गयी। 2010 में आये एक सर्वे के मुताबिक भारतीय मूल के लोगों की औसत आय 88,000 डॉलर थी, अमेरिका का औसत आय 49,000 डॉलर है। वहीं एशियन समुदाय का औसत आय 66,000 डॉलर है। सिर्फ 9 प्रतिशत भारतीय गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं, जो अमेरिकी आबादी के 13 प्रतिशत कम है। आंकड़े बताते है कि भारतीय मूल के लोग अमेरिका में सबसे सफल समुदाय है।


2015 में हेट क्राइम की घटनाएं-

2015 में 5,818 हेट क्राइम के केस सामने आए

59.2% केस रेशियल अटैक के थे।

19.7% धर्म से जुड़े हमले थे।

17.7% केस सेक्सुअल अटैक थे।


अमेरिका में 9/11 के बाद भारतीयों पर हुए बड़े हमले-

15 सितंबर 2001: 9/11 हमलों के 4 दिन बाद ही बलबीर सिंह सोढी को गैस स्टेशन के पास ही गोली मार दी गई।

6 अगस्त 2002: बलबीर सिंह के भाई सुखपाल सिंह की भी कैब चलाते समय हत्या कर दी गई।

20 मई 2003: 52 वर्षीय अवतार सिंह को गोली मार दी गई। हमलावरों यह चिल्लाते सुने गए कि तुम वहां जाओ, जहां के लिए डिजर्व करते हो।

13 मार्च 2004: लोकल सिख गुरुद्वारा साहेब पर हमला कर दिया गया और लिखा गया- घर वापस जाओ।

28 फरवरी 2008: वॉलमार्ट की पार्किंग में एक सिख पर हमला हुआ। हमलावर उसे आतंकी कह रहे थे।

29 नंवबर 2010: कैब ड्राइवर हरभजन सिंह पर यात्री ने हमला कर दिया। यात्री उसे ओसामा बिन लादेन कह रहा था।

6 मार्च 2011: दो सिखों की वॉक के दौरान हत्या कर दी गई।

अगस्त 2012: 2012 में विस्कांसिन में 40 साल के एक आदमी ने सिख गुरुद्वारे में घुसकर गोलियां बरसा दीं। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई थी।