सरकारी रिकॉर्ड में राम रहीम नहीं किसान, खेती के लिए पैरोल मिलना मुश्किल

Ram Rahim

विशाल एंग्रीश, न्यूज 24 ब्यूरो, चंडीगढ़ (25 जून): कत्ल और बलात्कार के आरोप में सजा काट रहा राम रहीम जेल से बाहर आ सकता है। उसने बाहर आने की मांग की है। जिसके लिए राम रहीम ने खेती का सहारा लिया है, वहीं हरियाणा सरकार ने भी राम रहीम की परोल पर इशारों इशारों में अपने इरादे साफ कर दिए हैं।  हरियाणा की सुनेरिया जेल में बंद राम रहीम 42 दिन के लिए बाहर आना चाहता है। इसके लिए इसने खेती का का सहारा लिया है। जेल में बैठे इस बाबा ने अर्ज़ी दी है कि सावन में उसके लिए सलाखों के दरवाज़े खोल दिए जाएं ताकि  वो बाहर आकर अपनी खेती के बिखरे साम्राज्य को संवार सके। आपको बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के पास सिरसा में लगभग 700 एकड़ जमीन है। जिसमें 150 एकड़ में बाग है। 250 एकड में खेतीबाड़ी की जाती है। 60 एकड़ में एलोविरा है। 50 एकड़ में सब्जिया लगाई जाती हैं

खास बात ये है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, जेल मंत्री कृष्ण पवार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने खुद गुरमीत राम रहीम को पैरोल देने की पैरवी की है। अनिल विज ने तो यहां तक कह दिया कि गुरमीत सिंह राम रहीम एक आम इंसान के अधिकार के चलते पैरोल का हकदार है। नियमों के मुताबिक दो साल की सजा पूरी होने के बाद ही पैरोल दी जा सकती है, लेकिन गुरमीत राम रहीम ने दो साल पूरे होने से पहले ही पैरोल के लिए अर्जी दाखिल कर दी। उधर, सुनारिया जेल प्रशासन ने दो साल की अवधि पूरी होने से पहले ही पैरोल के आवेदन को स्वीकार कर यह साबित कर दिया है कि बाबा का दबदबा आज भी कायम है।

राम रहीम की परोल पर का हरियाणा के जेल मंत्री ने भी इशारों इशारों में राम रहीम को परोल मिलने के संकेत दे दिए हैं। वहीं हरियाणा सरकार के मंत्री राम रहीम का विरोध करने के बाजाए अपराधियों के मूल अधिकारों का हवाला दे रहे हैं तो विपक्ष ने ये कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है कि ये सरकार की मर्जी है। राम रहीम अपराधी है और वो अपने अपराध की सज़ा भी काट रहा है, लेकिन वो जेल कैसे निकले इसके लिए तरह तरह के हथकंडे अजामा रहा है। बाबा के खेती की झटपटाहट को कुछ लोग आने वाले चुनाव से भी जोड़ रहे हैं क्योंकि डेरा के लाखों अनुयायी एक बड़ा वोट बैंक हैं। ऐसे में कनूनी खेत में बाबा हल चलाएं और फसल सियासी जमात काटे ये भी हो सकता है।

हालांकि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को खेती के लिए पैरोल मिलना मुश्किल लग रहा है। सिरसा के तहसीलदार ने रिपोर्ट में बताया है कि डेरे के पास कुल 250 एकड़ भूमि है। इसमें कहीं भी राम रहीम मालिक या काश्तकार नहीं है। सारी भूमि डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट के ही नाम है। इसी वजह से प्रशासन की नजर में पैरोल का आधार नहीं बन रहा है। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसे जल्द ही तैयार कर जेल प्रशासन को भेजा जाएगा। एसएसपी डॉ. अरुण नेहरा ने बताया कि वे मैरिट के आधार पर ही फैसला लेंगे। वहीं, सिरसा प्रशासन की रिपोर्ट के बाद ही रोहतक जेल प्रशासन कोई फैसला लेगा। प्रशासनिक सूत्रों ने भास्कर को बताया कि राम रहीम के बाहर आने पर सिरसा में कानून व्यवस्था कायम रखने में दिक्कत आ सकती है। 24 घंटे निगरानी रखना भी मुश्किल होगा। इसलिए पैरोल देने की सिफारिश के आसार न के बराबर हैं।