हरियाणा के बाद अब दिल्ली में भी कटीं महिलाओं की चोटियां

नई दिल्ली(1 अगस्त): एनसीआर के प्रमुख इलाकों फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, मेवात, बावल, रेवाड़ी में महिलाओं की चोटी काटे जाने की बढ़ती घटनाओं के बीच दिल्ली में भी ऐसी घटनाएं हुईं। डरे हुए लोगों ने 'ठीकरी पहरे' शुरू कर दिए हैं। 

- दिल्ली के छावला इलाके के कांगनहेड़ी गांव में रविवार सुबह 10:30 बजे रोशनलाल की पत्नी मुनेश (55) खेत से ज्वार काटकर आईं। थकी होने के कारण वह एक बेड पर लेट गईं। उनके सिर में दर्द था। कुछ देर बाद उन्हें लगा कि किसी ने उनका सिर जोर से पकड़ा। वह चिल्लाईं। फिर सब सामान्य हो गया। वह लेटी रहीं। कुछ देर बाद परिवार के किसी सदस्य ने फर्श पर किसी महिला की कटी हुई चोटी पड़ी देखी। बाद में पता चला कि यह मुनेश की चोटी थी, जिसे किसी ने काट दिया था। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिला का मेडिकल कराया गया है। उधर इसी गांव में रात 8 बजे श्रीदेवी (45) के साथ भी चोटी कटने की घटना हुई।

- रविवार को हरियाणा के हथीन से भी दो महिलाओं की चोटी कटने की खबर आई। गांव महलूका में एक महिला सनोवर की चोटी काटी गई। गांव खाईका में भी एक महिला की चोटी कटी मिली। इससे पहले शनिवार को महलूका में ही शबनम, लखनाका में रहीसन, टीकरी ब्राह्मण में आशा व उनकी सास लज्जा की चोटी काटी गईं। मेवात के खोरी कलां में विजय मिश्रा ने बताया कि शनिवार को उनकी बेटी संजू की चोटी भी कटी मिली।

-महलूका के सरपंच संजय का कहना है कि इन घटनाओं से दहशत है। सूचना पर पुलिस इन गांवों में पहुंची और सरपंच को निर्देश दिए कि गांवों में ठीकरी पहरे शुरू किए जाएं। ठीकरी पहरे के तहत गांव के लोग रातभर 'जागते रहो' की आवाज लगाते हुए घूमते हैं। पलवल की एसपी ने ऐसी हरकतें करने वाले तत्वों से खुद निपटने को कहा है। बता दें, एनसीआर में कुछ दिनों के भीतर दर्जन भर से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।