'मिशन बिरयानी' पर बोले खट्टर, बताया - छोटी घटना

नई दिल्ली(18 सितंबर): हरियाणा में पिछले दिनों सुर्खियों में आए गौ सेवा आयोग के 'बिरयानी मिशन' पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फिर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह एक छोटी घटना है, जो वैयक्तिक स्तर पर हुई। मौका था हरियाणा सरकार के स्वर्ण जयंति समारोह के लिए आधिकारिक लोगो जारी करने का। खट्टर चाहते थे कि पत्रकार सिर्फ स्वर्ण जयंति समारोह को लेकर ही सवाल पूछें पर पत्रकारों ने उन पर हाल की कई घटनाओं को लेकर सवाल दागे। 

- पिछले दिनों हरियाणा गौ सेवा आयोग ने बिरयानी में बीफ इस्तेमाल होने की कुछ शिकायतों के बाद मेवात जिले की दुकानों से बिरयानी के सैंपल उठाए थे। हालांकि उस वक्त भी मुख्यमंत्री खट्टर वे कहा था कि गौ सेवा आयोग को सैंपल इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है। शनिवार को जब इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया तो वह उखड़ गए और इसे छोटी घटना करार दिया। बिरयानी मिशन के अलावा सीएम से मेवात में फैले मलेरिया को लेकर भी सवाल पूछे गए जिसके 4,443 मामले पिछले तीन महीने में सामने आ चुके हैं।

- इसके पहले स्वर्ण जयंति समारोह के लोगो को लेकर भी यह सवाल उठा कि क्या राज्य सरकार इसके जरिए किसी धर्म विशेष को बढ़ावा देना चाहती है? लोगो का कॉन्सेप्ट खुद सीएम खट्टर ने ही तैयार किया है। गुड़गांव का नाम गुरुग्राम किए जाने की तर्ज पर यहां भी महाभारत से प्रेरणा ली गई है। 'गीता संदेश' पर आधारित इस लोगो में एक सफेद शंख है और कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में अर्जुन के रथ और कृष्ण के उपदेश को दर्शाया गया है।

- खट्टर ने कहा कि इस लोगो का धर्म से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'तस्वीरों का यह कोलाज एक समाज के तौर पर हरियाणा को मूलतत्व को समेटे हुए है। इसमें हरियाणा की संस्कृति और चरित्र शामिल है और स्वर्ण जयंति समारोह का जश्न भी यही भावना लिए हुए है। उगते सूरज का रंग उत्साह को बढ़ाता है और हमें आशावादी, प्रबुद्ध बनने और आध्यात्मिक तौर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।'

खट्टर ने यह भी कहा कि जब शंख बजाया जाता है तो वह सकरात्मक उर्जा प्रवाहित करता है। इससे शक्ति, चैतन्य और आनंद का संचार होता है। यह नकरात्मक उर्जा को नष्ट कर देता है।