सरकार जाट आरक्षण के लिए राजी, हालात को सामान्य बनाने की कोशिश

चंडीगढ़(22 फरवरी): हरियाणा में कुछ जगह सामान्य हालात हैं, तो कई जगहों पर अब भी तनाव बरकरार हैं। हालांकि केंद्र् सरकार ने हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है और हरियाणा सरकार भी अगले सत्र में बिल लाने को तैयार हो गई है।

हरियाणा में आरक्षण के नाम पर लगी आग को बुझाने की कुछ यूं कोशिश हुई। जाट नेताओं से हुई मीटिंग के बाद देश के गृहमंत्री ने जाट से समुदाय के लोगों से शांति की अपील की, और साथ ही इस बात का भी ऐलान किया कि उनकी मांग पर सरकार गंभीर हैं, इसके अलावा राजनाथ सिंह हाई पवार कमेटी बनाने की भी घोषणा की। 

कुल मिलाकर माना ये जा रहा है कि सरकार जाट आरक्षण के लिए मान गई है। 8 दिन के हिंसक आंदोलन और 12 लोगों की मौत के बाद आखिरकार सरकार को इस बात पर राजी होना पड़ा है कि जाट समुदाय को ओबीसी में शामिल कर आरक्षण का फायदा दिया जाएगा। 

 लगातार बिगड़ते हालात के बीच हुई मीटिंग में गृहमंत्री और जाट नेताओं ने जो फॉर्मूला तय किया है, उसके मुताबिक हरियाणा सरकार अगले सत्र में आरक्षण विधेयक पेश करेगी। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय नौकरियों में आऱक्षण के लिए जिस कमेटी का गठन किया गया हैं जिसमें वैकैंया नायडू, सतपाल मलिक,अ विनाश राय खन्ना, महेश शर्मा और संजीव बलियान हैं।

ये समिति जाट समुदाय के लिए आऱक्षण की रुपरेखा तैयार करेगी। बहरहाल सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा में तनाव कम हो रहा है। कई जगहों पर हालात सामान्य होते जा रहे हैं। राजनीतिक दल जहां शांति और सदभाव की अपील कर रहे हैं। वहीं हिंसा पीड़ितों के लिए मुआवजे की बात भी उठ रही है।