जाट आंदोलन: हरियाणा में हालात बिगड़े, देखते ही गोली मारने के आदेश

चंडीगढ़(20 फरवरी): हरियाणा जाट आऱक्षण की आग में जल रहा है। राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से में हिंसा के बाद तनाव है। इस आंदोलन में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 60 से ज्यादा लोग घायल हैं । हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है और देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं। तनाव को देखते हुए हरियाणा के 9 जिलों को सेना के हवाले कर दिया गया है। रोहतक, सोनीपत, पानीपत, हिसार, जींद, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, फरीदाबाद, करनाल, फतेहाबाद और सिरसा सहित प्रदेश के 15 जिलों में नेशनल, स्टेट और लिंक रोड पूरी तरह ब्लॉक हैं। रेलवे ट्रेक पर जाटों ने कब्ज़ा कर लिया है। 

आंदलोन की आग में इतनी तपिश है कि मंत्री सलामत नहीं हैं, पुलिस के आलाधिकारी महफूज नहीं हैं ।रोहतक में मॉल को आग के हवाले कर दिया गया है। सड़कों पर पत्थराव और आगजनी का खौफनाक मंजर है। रोहतक में गन हाउस पर हमला कर हथियार अपने साथ ले गए।

क्या है मांग

 

 

जाट  ओबीसी कैटेगरी में आरक्षण चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट जाटों के आरक्षण को निरस्त कर दिया है  खट्टर सरकार ने इकोनॉमिकली बैकवर्ड क्लास का कोटा 10 से 20 फीसदी बढ़ाने का एलान किया, ताकि जाट कम्युनिटी को उसमें शामिल किया जा सके। लेकिन जाट नेताओं ने ये ऑफर ठुकरा दिया।  जाट चाहते बिल में संशोधन कर जाट को ओबीसी के तहत आऱक्षण दिलाया जाए 

जाटों के इस आंदोलन का असर सिर्फ हरियाणा में नहीं बल्कि देश के बाकी हिस्सों पर भी पड़ने लगा है । बस और ट्रेन के यातायत ठप होलजाने की वजह से हर दिन 600 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इस आंदोलन का सबसे बुरा असर राजधानी दिल्ली पर भी पड़ने वाला है । क्योंकि जाटों ने मुनक नहर का पानी रोक दिया है।

हरियाणा के बिगड़ते हालात को देखते हुए देर शाम दिल्ली में तीन टॉप मंत्रियों की बैठक हुई। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हुए।