हरियाणा सरकार का तुगलकी फरमान, मास्टरजी बनेंगे पुजारी!

तिलक भारद्वाज, यमुनानगर (1 नवंबर): हरियाणा में मुमकिन है कि अब सरकारी स्कूल के टीचर मंदिरों में पुजारी या प्रसाद बांटने वाले की भूमिका में नजर आएं। हालांकि टीचर इसके लिए किसी भी कीमत पर तैयार नजर नहीं आ रहे, लेकिन सरकार की मंशा कुछ ऐसी ही है। जिसको लेकर टीचर भड़क उठे हैं।

दरअसल यमुनानगर में हर साल लगने वाले मशहूर ऐतिहासिक कपाल मोचन मेले में बड़ी तादाद में भीड़ उमड़ती है। जिसमें सरकार टीचरों की ड्यूटी लगाना चाहती है। उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग देकर उनसे पुजारी और प्रसाद बंटवाने का काम करवाना चाहती है। ट्रेनिंग के लिए 29 अक्टूबर को टीचरों को हाजिर होने का आदेश दिया गया था। लेकिन सरकार के इस कदम से नाराज टीचर ट्रेनिंग में हिस्सा लेने पहुंचे ही नहीं। जिसके बाद प्रशासन की तरफ से लेटर जारी कर एक बार फिर 30 अक्टूबर को हाजिर होने का आदेश दिया गया और गैरहाजिर रहनेवाले टीचरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

सरकार के इस रुख से सरकारी टीचर उबल बड़े हैं। वो इसे ना सिर्फ तुगलकी फरमान करार दे रहे हैं बल्कि इसके खिलाफ जोर-शोर से आवाज बुलंद करने की धमकी भी दे रहे हैं। टीचर्स एसोसिएशन राज्य में लगातार शिक्षा के स्तर में गिरावट आने के पीछे टीचरों से दूसरे काम लिए जाने को जिम्मेदार ठहरा रहा है। उसके मुताबिक बच्चों की पढ़ाई को तवज्जो ना देकर सरकार का ध्यान टीचरों से जलती पराली की निगरानी कराने जैसे काम पर रहता है। इसके चलते बच्चों का सिलेबल पीछे छूट जाता है, जिसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। हद तो ये है कि अब सरकार टीचरों से पुजारी और प्रसाद बंटवाने का काम भी कराना चाहती है। लेकिन टीचर इसे बर्दाश्त करने के लिए तैयार नजर नहीं आ रहे।

आंदोलन की चेतावनी देकर टीचरों ने सीधा-सीधा ये संदेश दे दिया है कि वो इस मुद्दे पर सरकार से आर-पार के मूड में हैं। जाहिर है अब इस पर सरकार के रुख का इंतजार रहेगा।

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