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'अनपढ़ लोग बना रहे हैं पॉलिसी'

खट्टर सरकार के नए फरमान का विरोध शुरू हो गया है। सुशील कुमार के बाद रेसलर बबीता फोगाट ने भी खट्टर सरकार के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें उन्होंने प्रोफेशनल खिलाड़ियों को अपनी सैलरी का 33 फीसदी हिस्सा हरियाण सरकार को देने को कहा है।

न्यूज 24 ब्यूरो, चंडीगढ़ (08 जून): खट्टर सरकार के नए फरमान का विरोध शुरू हो गया है। सुशील कुमार के बाद रेसलर बबीता फोगाट ने भी खट्टर सरकार के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें उन्होंने प्रोफेशनल खिलाड़ियों को अपनी सैलरी का 33 फीसदी हिस्सा हरियाण सरकार को देने को कहा है। बबीता फोगाट ने ट्वीट कर कहा है कि लगता है हरियाणा में अनपढ़ लोग पॉलिसी बना रहे हैं। भारतीय रेसलर बबीता फोगाट ने कहा, 'क्या सरकार को यह पता है कि एक खिलाड़ी कितनी कड़ी मेहनत करता है? सरकार आय का एक तिहाई हिस्सा कैसे मांग सकती है? मैं इसका बिल्कुल समर्थन नहीं करती हूं। सरकार को कम से कम हमारे साथ एक बार चर्चा करनी चाहिए थी।

पहलवान सुशील कुमार ने कहा है कि ऐसे फैसले खिलाड़ी का मनोबल कमजोर करते हैं और उनके प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकते हैं। सुशील कुमार ने मांग की है कि सरकार को अपने इस फैसले की समीक्षा करनी चाहिए। इसके अलावा सरकार को वरिष्ठ खिलाड़ियों की कमेटी बनाकर उनसे भी इस बारे में विचार जानने चाहिए।

वहीं पहलवान योगेश्‍वर दत्‍त ने ट्वीट करके कहा है कि यह बिना सिर-पैर का तुगलकी फरमान है। उन्‍होंने कहा कि अब इससे हरियाणा के नए खिलाड़ी पलायन करेंगे और साहब इसके लिए आप जिम्‍मेदार हैं।

आपको बता दें कि हरियाणा खेल विभाग ने फरमान जारी करते हुए कहा, 'अगर कोई भी खिलाड़ी बिना सरकार की आज्ञा लिए किसी कंपनी का विज्ञापन करता है या फिर प्रोफेशनल स्पोर्ट्स में हिस्सा लेता है तो उसे कमाई की एक तिहाई फीस स्पोर्ट्स काउंसिल को देनी होगी।' जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने हरियाणा सरकार के इस फैसले की आलोचना की है।

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